10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

jodhpur litarature : स्त्री अब सड़ी गली मान्यताओं को मानने को तैयार नहीं

अंतर प्रांतीय कुमार साहित्य परिषद जोधपुर के तत्वावधान में नीलम व्यास स्वयंसिद्धा की प्रथम काव्य कृति ‘मन सीपी के मोती’ का विमोचन गांधी भवन में हुआ।
less than 1 minute read
Google source verification
jodhpur litarature : स्त्री अब सड़ी गली मान्यताओं को मानने को तैयार नहीं

jodhpur litarature : स्त्री अब सड़ी गली मान्यताओं को मानने को तैयार नहीं

स्त्री अब सड़ी गली मान्यताओं को मानने को तैयार नहीं
नीलम की काव्य कृति ‘मन सीपी के मोती’ का विमोचन

जोधपुर. अंतर प्रांतीय कुमार साहित्य परिषद जोधपुर के तत्वावधान में नीलम व्यास स्वयंसिद्धा की प्रथम काव्य कृति ‘मन सीपी के मोती’ का विमोचन गांधी भवन में हुआ। इस अवसर पर कथाकार-कवि मनोहर सिंह राठौड़ नेकहा कि मन की सीपी के असंख्य बहुमूल्य मोतियों से सराबोर इस संग्रह में कुछ छोटी कविताएं हैं और कुछ बड़ी। मुख्य अतिथि डॉ. आईदान सिंह भाटी ने कहा कि नीलम ने जिस तरह छंदों का प्रयोग किया है, वह हर किसी के बूते की बात नहीं।

लिखने का मन

कवयित्री नीलम स्वयंसिद्धा ने कहा कि समाज में जब स्त्रियों पर अत्याचार होते हैं या प्रकृति के सुंदर दृश्य दिखते हैं या राजनीति की विसंगतियों को देखते हैं तो कविता लिखने का मन होता है।

रचनाएं बोलती

बसंती पंवार ने अपने पत्र में कहा कि नीलम की कविताएं पाठक के भीतर उतरकर उसे बांधे रखने में सक्षम हैं। रचनाएं बोलती हैं। इससे पूर्व अतिथियों का स्वागत करते हुए परिषद की महामंत्री डॉ. पद्मजा शर्मा ने कहा कि नीलम के काव्य संग्रह की स्त्री अब सड़ी गली मान्यताओं को मानने को हरगिज तैयार नहीं।