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World Thalassemia Day 2022: भारत में करीब 15 हजार बच्चे हर वर्ष थैलेसीमिया मेजर की बीमारी से ग्रसित होते हैं

    कुंडली के साथ रक्त मिलान जांच से जड़ से समाप्त होगी थैलीसीमिया बीमारी
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World Thalassemia Day 2022: भारत में करीब 15 हजार बच्चे हर वर्ष थैलेसीमिया मेजर की बीमारी से ग्रसित होते हैं

World Thalassemia Day 2022: भारत में करीब 15 हजार बच्चे हर वर्ष थैलेसीमिया मेजर की बीमारी से ग्रसित होते हैं

जोधपुर .

रोटरी क्लब जोधपुर की ओर से रोटेरियन सुमित्रा गहलोत स्मृति थैलेसीमिया डे केयर सेंटर पर रविवार को विश्व थैलेसीमिया दिवस का आयोजन किया गया । पूरे विश्व में थैलीसीमिया इंटरनेशनल फेडरेशन के द्वारा 1994 में विश्व थैलीसीमिया दिवस 8 मई को मनाने का प्रस्ताव पारित किया । नेशनल हेल्थ मिनिस्ट्री भारत के अनुसार करीब 15 हजार बच्चे हर वर्ष थैलेसीमिया मेजर की बीमारी से ग्रसित होते हैं या जन्म लेते हैं पूरे विश्व में अभी अनुमानित 5 लाख बच्चे थैलेसीमिया से ग्रसित है ।

रोटरी ब्लड बैंक के चेयरमैन विनोद भाटिया ने बताया कि नेशनल हेल्थ मिशन के मानकों के अनुसार फ्रेश रक्त बच्चों को चढ़ाया जाता है जिससे उनका हीमोग्लोबिन उच्च स्तर पर रखने में मदद होती है । सुमित्रा गहलोत थैलीसीमिया डे केयर सेंटर की शुरुआत लगभग 6 माह पूर्व 13 बच्चों के साथ शुरू हुई थी, जिसमें अब 60 से अधिक बच्चों का ब्लड ट्रांसफ्यूजन नियमित किया जाता है, जो कि पूर्ण रूप से नि:शुल्क होता है ।

विश्व थैलेसीमिया दिवस पर क्लब में सेंटर के सभी बच्चों व उनके अभिभावकों के साथ विभिन्न प्रकार के खेलों नृत्य रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन किया गया । जिसमें पीड़ित बच्चों ने शानदार प्रस्तुति दी । हम भी किसी से कम नही थीम पर सभी बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया ।इस अवसर पर स्व सुमित्रा गहलोत के परिजन विक्रम सिंह गहलोत और राजेंद्र सिंह गहलोत ने उपस्थित रहकर बच्चों का उत्साहवर्धन कर पुरस्कृत किया गया ।

रोटरी क्लब के अध्यक्ष डॉ राम गोयल ने आह्वान किया कि थैलीसीमिया एक अनुवांशिक बीमारी है और उसे जड़ से समाप्त किया जा सकता है यदि शादी से पहले कुंडली के साथ रक्त में थैलेसीमिया की उपस्थिति की जांच कर मिलान करें । दो थैलेसीमिया माइनर से ग्रसित महिला व पुरुष को आपस में शादी करने से बचना चाहिए । इस प्रक्रिया को अपनाकर हम विश्व से थैलेसीमिया को जड़ से खत्म कर सकेंगे । उम्मेद हॉस्पिटल के डॉ विकास कटेवा, नर्सिंग स्टाफ सीमा, लाल बून्द जिंदगी के रजत गौड़ सहित चिकित्सा से जुड़े लोगों ने कार्यक्रम में उपस्थिति रहे । संचालन मृगंश अग्रवाल भावना और ऋषभ अग्रवाल ने किया। कॉर्डिनेटर लवेंद्र सिंह राठौड़, सुरेंद्र भार्गव, जवाहर जैन, दिनेश भंडारी और नरेन्द्र शर्मा के साथ क्लब के कई सदस्य उपस्थित रहे ।