दो सौ रुपए में राष्ट्रपति से सम्मानित होने की फोटो बना वाह-वाह बटोरी

- सोशल मीडिया पर फोटो अपलोड होने से हरकत में आई पुलिस, एफआइआर दर्ज, आरोपी गिरफ्तार

By: Vikas Choudhary

Published: 12 Jul 2020, 04:00 AM IST

जोधपुर.
मथानिया थानान्तर्गत तिंवरी कस्बे के एक युवक ने साइबर सुरक्षा में विशिष्ठ योगदान के लिए राष्ट्रपति से सम्मानित होने की फर्जी फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड कर वाह-वाह बटोरी। शिकायत मिलने पर हरकत में आई मथानिया थाना पुलिस ने धोखाधड़ी की एफआइआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया।

थानाधिकारी डॉ गौतम डोटासरा के अनुसार तिंवरी कस्बे में खत्रियों का बास निवासी राहुल राठी ने गत नौ जुलाई को मोबाइल से अपनी फेसबुक आइडी व व्हॉट्सएेप से एक फोटो व पोस्ट वायरल की थी। यह फोटो राहुल को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों सम्मानित किए जाने की थी। फोटो के साथ उसने लिखा, 'आज का दिन मेरे लिए गर्व व हर्ष की अनुभूति लेकर आया। राष्ट्रपति के हाथों दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में साइबर सुरक्षा में विशिष्ठ योगदान के लिए सम्मानित किया। मेरे जीवन में यह पल अविश्वसनीय होंगे।Ó
सोशल मीडिया में इस फोटो व पोस्ट पर अनेक लाइक्स व कमेंट आने शुरू हो गए। इतना ही नहीं, समाचार पत्र में सम्मानित होने की विज्ञप्तियां तक जारी कर दी गई। कस्बे में यह बात फैल गई। फर्जी फोटो होने का पता लगा तो तिंवरी निवासी रमेश कुमार पुत्र सेवाराम ने शुक्रवार को धोखाधड़ी व आइटी एक्ट में एफआइआर दर्ज कराई। जांच में फर्जीवाड़ा पाए जाने पर पुलिस ने तिंवरी में खत्रियों का बास निवासी राहुल राठी (२०) पुत्र ओमप्रकाश माहेश्वरी को गिरफ्तार कर लिया। उससे मोबाइल बरामद किया गया है। उसे दो दिन के रिमाण्ड पर लिया गया है।

एक दिन पहले लिखा था, आई एम गोइंग टू दिल्ली
आरोपी राहुल राठी के पिता की कस्बे में किराणा दुकान है, जहां वह एक निजी कम्पनी के मोबाइल की सिम बेचने की शाखा चलाता है। उसे तकनीक का हल्का ज्ञान भी है। गत ८ जुलाई को उसने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, 'आई एम गोइंग टू दिल्ली।Ó इसके दूसरे दिन उसने ख्याति प्राप्त करने के लिए फेसबुक व व्हॉट्सएेप में राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होने की फर्जी फोटो अपलोड कर दी थी।

फिनलैण्ड राजदूत से मुलाकात की फोटो में कांट-छांट
भारत में फिनलैण्ड के राजदूत रविश कुमार ने गत दिनों राष्ट्रपति से मुलाकात की थी। राष्ट्रपति ने उन्हें बतौर सम्मान खुद की फोटो भेंट की थी। यह फोटो राष्ट्रपति ने अपने ट्विटर पर शेयर की थी। आरोपी राहुल ने यह फोटो चयन की थी। नौ जुलाई को उसने दिल्ली के ई-मार्ट में जाकर एक व्यक्ति से सम्पर्क किया था। उससे फोटो में एडिटिंग यानि कांट-छांट कर खुद की फोटो लगवा ली थी। बदले में उसे दो सौ रुपए दिए थे। राहुल को रिमाण्ड पर लेकर पुलिस उस व्यक्ति तक पहुंचने के प्रयास में है।

Vikas Choudhary Reporting
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