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YOGA–योग मानसिक शांति नहीं, रोजगार भी देगा

- केंद्र ने योग को प्रतिस्पर्धी खेल की दी मान्यता - सरकार ने 2018 में शारीरिक शिक्षक भर्ती में योग से जुड़े लोगों को भर्ती से बाहर कर दिया था
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जोधपुर

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Amit Dave

Dec 22, 2020

Beat the corona by staying at home with yoga, pranayama

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जोधपुर।

भारतीय संस्कृति से जुड़े योग मानसिक शांति ही नहीं, बल्कि रोजगार भी देंगे। केन्द्र सरकार ने हाल ही में योग को प्रतिस्पर्धी खेल की मान्यता दी है। इससे योग प्रतियोगिताओं को सरकारी मदद मिलेगी, वहीं योग से जुड़े देश के लाखों अभ्यर्थियों को नौकरी मिलेगी। मन की शांति के लिए योग खेल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। योग अनादि काल से चला आ रहा है और भगवान श्रीकृष्ण सबसे बड़े योगी कहलाते है।

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6 साल के संघर्ष के बाद मिली मान्यता

भारत में 21 मई 2015 को विश्व योग दिवस के रूप में मनाया गया, जिसमें भारत को नेतृत्व मिलने के साथ विश्व के 191 देशों ने योग दिवस के रूप में मनाया। देश के योगाचार्यो, विद्यार्थियों ने 2015 में योग दिवस से लेकर लेकर अब तक योग को स्कूल, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय स्तर पर खेल प्रतियोगिता में शामिल करने को लेकर प्रधानमंत्री, खेलमंत्री व आयुष मंत्री को ज्ञापन सौंपे। पिछले 6 वर्षों के संघर्ष के बाद अब केन्द्र सरकार ने योग को खेल प्रतियोगिता में शामिल करने का फैसला लिया है।

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सरकार ने योग के अभ्यर्थियों को भर्ती से बाहर कर दिया

राज्य सरकार ने 2018 में शारीरिक शिक्षक भर्ती में योग से जुड़े अभ्यर्थियों के अंक 0 कर दिए थे। इससे हजारों अभ्यर्थी भर्ती से बाहर हो गए थे। शारीरिक शिक्षक भर्ती में खेल प्रमाण पत्र के जिला, राज्य, राष्ट्रीय या पदक वालों के अलग-अलग अंक निर्धारित किए जाते है। खेल प्रमाण पत्र के अधिकतम 40 अंक होते हैं जो पदक विजेता को मिलते है। अब मान्यता मिलने पर भविष्य में शारीरिक शिक्षक भर्ती में योगाचार्य को इसका लाभ मिल सकेगा।

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युवा पीढ़ी का आकर्षण बढ़ेगा

योग को खेल प्रतियोगिता में शामिल करने से युवा पीढ़ी का योग के प्रति आकर्षण बढ़ेगा। इससे पहले युवा पीढ़ी योग को उपेक्षा व मजाक के दृष्टिकोण लेकर देखती थी, अब इस दृष्टिकोण से मुक्ति मिलेगी।

भूपेंद्र सिंह सांकड़ा, योग कप्तान (2014) जेएनवीयू