तीन दशक से जारी है योगयात्रा, हजारों लोग हुए प्रशिक्षित

- विवेकानन्द केन्द्र में नि:शुल्क योग से कई असाध्य बीमारियों से ग्रसित लोग भी हुए ठीक

- योग-संस्कार देने के लिए नि:शुल्क होती है गतिविधियां

 

By: Avinash Kewaliya

Updated: 16 Sep 2021, 08:40 PM IST

जोधपुर।
योग के जरिये भारत विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ चुका है। जब से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की घोषणा हुई तब से भारत सहित पूरे विश्व में योग के प्रति लोगों का रुझान काफी हुआ। लेकिन विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी की जोधपुर शाखा तीन दशक से इस यात्रा को चला रही है। १५ हजार से अधिक लोगों को प्रशिक्षित कर दिया और कई लोगों को फायदा भी हुआ। इस नि:शुल्क केन्द्र से नियमित ऑफलाइन और ऑनलाइन जुडऩे वालों का काफिला बढ़ता ही जा रहा है।

जोधपुर में यह शाखा 1991 में स्थापित हुई। जब योग से सभी अपरिचित थे तब यहां योग शुरू हुआ। करीब तीन दशक से प्रतिदिन सुबह एक घंटे योग सिखाया और अभ्यास करवाया जाता है। योग के साथ प्राणायाम, ध्यान व संस्कार के जरिये मानव विकास पर भी केन्द्र कार्य कर रहा है। 1995 जब योग के बारे में जानता नहीं था तब सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम करवा पांच हजार विद्यार्थियों को जोड़ा था। गीता भवन में संचालित इस केन्द्र में आज भी ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन योग करवाया जाता है।
सालों पुराना साथ

इस केन्द्र के पुराने कार्यकर्ताओं में से एक प्रेमरतन सोतवाल बताते हैं कि योग जीवन में कई सुधार लाता है। समय के साथ इसका स्वरूप भी बदला है। दीपक खैरे जो कि 2003 से ही योग के प्रचार-प्रसार में लगे हैं, बताते हैं कि अभियान के तौर पर इसका प्रचार होना चाहिए। जुगल किशोर अग्रवाल भी योग वर्ग के बहुत पुराने कार्यकर्ता हैं।

नया जोश भी साथ
केन्द्र में अब युवा जोश भी समय के साथ जुड़ता जा रहा है और योग को अपना रहा है। योग वर्ग प्रमुख श्याम मालवीय व सह प्रमुख पंकज व्यास इसी युवा जोश के साथ लगे हुए। प्रतिदिन सुबह ६ से ७ बजे तक सभी अनुभवी व युवा साथी योग अभ्यास करवाते हैं।

Avinash Kewaliya
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned