video credit : Manoj Sen/जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (जेएनवीयू) से सम्बद्ध प्रदेश के सबसे पुराने एमबीएम इंजीनियङ्क्षरग कॉलेज में इस साल कोई भी नया प्रवेश नहीं होगा। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2018-19 के लिए ‘नो एडमिशन’ घोषित कर दिया है। जानकार ताज्जुब होगा कि एआईसीटीई को एमबीएम कॉलेज में बड़ी अनियमितता नहीं मिली। केवल छोटे-मोटे प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण प्रवेश पर रोक लगाई है। जीरो सेशन की खबर आने के साथ ही विद्यार्थियों में रोष फैल गया है। सोमवार को आक्रोशित विद्यार्थियों ने हड़ताल करते हुए विवि प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और समय रहते प्रवेश पर लगी रोक हटवाने की मांग की। ऐसा नहीं किए जाने पर उन्होंने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
एआईसीटीई ने कॉलेज की कमियां पूरी करने के लिए एक साल का समय दिया था, लेकिन विवि ने लापरवाही दिखाई। विवि एआईसीटीई के सामने इंश्योरेंस, आगजनी से बचाव जैसे सर्टिफिकेट यहां तक कि बजट सूचना लेकर भी नहीं पहुंचा। एआईसीटीई की बताई गई 13 कमियों में से मात्र दो कमियां ही कागजों में पूरी की गई। नतीजतन एमबीएम कॉलेज के इस साल होने वाले प्रवेश से हाथ धोना पड़ा।
कमियां पूरी कर लेंगे
आईसीटीई ने छोटी-मोटी कमियों की वजह से ही एमबीएम कॉलेज में जीरो सेशन घोषित किया है। ये कमियां एक सप्ताह में पूरी कर एआईसीटीई को रिपोर्ट दे दी जाएगी। कॉलेज में प्रवेश बंद नहीं होगा।
प्रो. आरपी सिंह, कुलपति, जेएनवीयू जोधपुर