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रक्षाबंधन पर मिठाइयां खरीदने से पहले पढ़ ये खबर, कही आप जहर तो नहीं खा रहे

हर बार की तरह इस बार भी बाहर से मिलावटी खोवा बाजार तक लाने की तैयारी में व्यापारी जुटे हैं।

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रक्षाबंधन पर मिठाइयां खरीदने से पहले पढ़ ये खबर, कही आप जहर तो नहीं खा रहे

कांकेर. रक्षाबंधन में अब 1 सप्ताह भी नहीं रह गया। इस त्यौहार की तैयारियां पूरे जोर शोर से हो रही है। बाजार में मौजूद होटल और मिठाई दुकानों ने भी इसकी तैयारियां शुरू कर दी है।हर बार की तरह इस बार भी बाहर से मिलावटी खोवा बाजार तक लाने की तैयारी में व्यापारी जुटे हैं।हर साल की तरह इस बार भी नकली खोवा और मिलावटी मिठाइयां बाजार में तैयार है।

बता दें कि कई बड़ी दुकानों में नकली खोवा सहित अन्य मिलावटी मिठाइयों की बिक्री होती है। इस बार भी लाखों की मिलावटी मिठाइयां खपने का अनुमान लगाया जा रहा है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने रक्षाबंधन के एक सप्ताह पहले होटलों और मिष्ठान प्रतिष्ठान की जांच नहीं की है। सूत्रों की माने तो शहर में पिछले वर्ष दो दिनों में 50 लाख रुपए से अधिक की मिठाइयों का कारोबार होना बताया गया है।

खाद्य एवं औषधि विभाग की ओर से अभी तक एक भी दुकानों से सैम्पल नहीं लिया गया है। जगदलपुर और रायपुर से बड़ी मात्रा में नकली और मिलावटी खोवा आने लगा है। फ्रीजर में व्यापारी ऐसे खोवा को सुरक्षित रख रहे है।

पत्रिका टीम ने खाद्य एवं औषधि निरीक्षक फनेश्वर पिथौरा से नकली खोला और बाजार में मिलावटी मिठाइयों के संबंध में जानकारी चाही तो उन्होंने कुछ देर बाद जानकारी देने की बात कहकर फोन रख दिए।

पिथौरा से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई पर उन्होंने फोन रीसिव नहीं किया। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा कि बाजार में आ रहे नकली और मिलावटी मावा जांच में कोताही आखिर क्यों होती है।