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दबंगों ने विधवा का हुक्कापानी किया बंद, जांच में गांव पहुंची प्रशासनिक टीम

Kanker Breaking News: कांकेर के पखांजूर पति के हत्या के बाद कुछ दिनों तक वह परिजनों के साथ जगदलपुर में रही उसके बाद दोनाें बेटियों के साथ विकासपल्ली में रह रही है।। वर्षों से वह अपनी दोनों बेटियों के साथ गांव में रहकर खेती किसानी के साथ स्कूल में रसोइया का काम कर जीवन की डगर बढ़ा रही है।

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दबंगों ने विधवा का हुक्कापानी किया बंद, जांच में गांव पहुंची प्रशासनिक टीम

दबंगों ने विधवा का हुक्कापानी किया बंद, जांच में गांव पहुंची प्रशासनिक टीम

Kanker Breaking News: कांकेर के पखांजूर पति के हत्या के बाद कुछ दिनों तक वह परिजनों के साथ जगदलपुर में रही उसके बाद दोनाें बेटियों के साथ विकासपल्ली में रह रही है। वर्षों से वह अपनी दोनों बेटियों के साथ गांव में रहकर खेती किसानी के साथ स्कूल में रसोइया का काम कर जीवन की डगर बढ़ा रही है। पीड़िता ने बताया कि किसी बात को लेकर कुछ दिनों पहले ग्रामीणों ने गांव के ही निवासी सुब्रत राय का हुक्का पानी बंद कर दिया था। बेवा ने बताया कि अभी दो दिनों पहले वह साप्ताहिक बाजार गई थी।

बाजार से लौटते समय वह बेहोश होकर सड़क पर गिर गई। उस समय सुब्रत राय अपनी बाइक से घर लौट रहा था। उसे बेहोश देखा तो रूक गया। होश में आने पर वह अपनी बाइक से घर तक छोड़ दिया। सुब्रत राय की बाइक से आते देखा तो ग्रामीणों का पारा चढ़ गया। उसी रात गांव में ग्रामीणों के साथ मुखिया ने मीटिंग की। मीटिंग में गांव के मुखिया गोपाल, संजय, हरिपद, देवानाथ और सुकई ने निर्णय लिया कि सुब्रत राय की बाइक पर बैठकर आने के कारण उसका हुक्का पानी बंद किया जाता है। मीटिंग के बाद उक्त बात की जानकारी उसके पड़ोसी राम प्रसाद और रंजन मांझी ने आकर दी। दोनों ने बताया कि उसका हुक्का पानी बंद कर दिया गया है। कल से वह गांव में किसी के घर नहीं जा सकती है। पीडीएस दुकान से उसे राशन नहीं मिलेगा। गांव से उसे निकल जाने के लिए फरमान सुनाया गया है। उसकी दोनों बेटी और उससे गांव में कोई बात नहीं करेगा। वह रसोइया की नौकरी करती है।

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पीड़िता ने कहा-बेटी पड़ोसी के घर सोने के लिए जाती थी उसे भी मना कर दिया

बेवा ने बताया कि उसकी एक बेटी पड़ोसी के घर में रात में सोने के लिए जाती थी। दबंगों के तुगलकी फरमान के गांव पड़ोसी ने बेटी को अपने घर आने से मना कर दिया है। गांव में दो जवान बेटियों के साथ रहने में उसे डर सता रहा कि कहीं अनहोनी न हो जाए। पीड़िता ने बताया कि एक मई यानी सोमवार को कलेक्टर से इंसाफ के लिए ज्ञापन सौंपी है। मंगलवार को सक्षम अधिकारी गांव आए थे। पीड़िता ने बताया कि तुगलकी फरमान में कहा गया कि अगर उसकी मदद गांव में कोई किया तो उसे 2 हजार अर्थदंड देना पड़ेगा। एक बेटी नौवीं और दूसरी दसवीं में पढ़ती है।

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जवान बेटियों के साथ गांव में रहना हो गया कठिन

पीड़ित बेवा ने कहा कि दबंगों ने भरी मीटिंग में तालिबानी फरमान सुना दिया है। विकासपल्ली गांव में उसकी निजी जमीन और घर है। एक 19 साल और दूसरी 15 साल की बेटी है। वह अपने घर में रह रही है। उसका कसूर बस इतना की बेहोशी के हालत में उसे गांव से बहिष्कृत व्यक्ति सुब्रत राय ने अपनी बाइक घर तक छोड़ दिया। बाजार से लौटते समय तबियत खराब नहीं होती तो वह किसी से मदद नहीं ली होती। इस तरह से गांव के दबंगों ने फरमान जारी कर दिया कि वह अपने ही गांव में बेगाना हो गई। पड़ोसी दुख तकलीफ में उसकी मदद तक नहीं करेंगे। इस तरह का तुगलकी फैसला गांव में सुनाया जा रहा है। सरकारी स्कूल में रसोइया की नौकरी छोड़ने कह रहे हैं।

ग्राम पंचायत विकासपल्ली के पीव्ही-105 में महिला की शिकायत मिली थी। नायब तहसीलदार सुनील ध्रुव टीम के साथ जांच के लिए गांव गए थे। दोनों पक्षों का बयान लिया गया है।

मनीष साहू, अनुविभागीय अधिकारी पखांजूर.