
महिला आरक्षक ने दी आत्मदाह की धमकी मचा हड़कंप, कलेक्ट्रेट में रही अफरातफरी
Chhattisgarh news: पुलिस अधीक्षक दफ्तर में महिला सेल में पदस्थ महिला आरक्षक ने पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। प्रताड़ना से तंग आकर उसने आत्मदाह करने की लिखित सूचना कलेक्टर को दी तो हड़कंप मच गया। उक्त सूचना पर 19 मई को कलेक्ट्रेट परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। कलेक्ट्रेट कार्यालय आने वाले और कर्मचारी भी महिला आरक्षक को देखने के लिए जमा हो गए।
महिला आरक्षक पद्मनी साहू ने अपने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए 16 मई को कलेक्टर को लिखित पत्र सौंपा था। ज्ञापन में लिखा था कि पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के गलत आदेश पर हां से हां मिलाने वाले अधिकारी कर्मचारियों के प्रताड़ना से वह तंग आ चुकी है। उसने आरोप लगाया कि वह एक अविवाहित महिला आरक्षक है। पुलिस विभाग के बहुत से अधिकारी उस पर गलत नियत से अपेक्षा रखते हैं। गलत इरादों को पूरा नहीं करती तो परेशान करते हैं। तरह-तरह से मानसिक व आर्थिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।
अधिकारियों की सच्चाई जनता के सामने लाना है
तीन साल पहले 2020 में इसी तरह से प्रताड़ित किया गया था। बड़ी मुश्किल से तब वह उबरी थी। एक बार फिर पुलिस अधिकारियों द्वारा आर्थिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। प्रताड़ना से बचने के लिए वह पुलिस अधीक्षक से गुहार की तो उसे न्यायालय में याचिका लगाने अनुमति दी जाए। पत्रकार वार्ता लेने अनुमति दी जाए। आत्मदाह करने की अनुमति दी जाए। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने आवेदन देने अनुमति दी जाए। इनमें से एक भी अनुमति नहीं दिया गया। उल्टा उस पर ही दबाव बनाए जाने लगा है। उसने आरोप लगाया कि पुलिस विभाग के सभी अधिकारी आपस में मिले हुए हैं। अधिकारों का दुरूपयोग कर उसे प्रताड़ित कर रहे हैं। प्रताड़ना से तंग होकर पुलिस विभाग के कई कर्मचारी आत्महत्या कर चुके है। कई लोग नौकरी छोड़ चुके हैं। वह भी परेशान होकर आत्मदाह करने का निर्णय ली है। मरने से पहले वह शोषणकारी और षड़यंत्रकारी अधिकारियों की सच्चाई जनता के सामने लाना चाहती है। ताकि भविष्य में कोई और महिला प्रताड़ित न होने पाए।
आत्मदाह को रोकने बड़ी संख्या में पुलिस तैनात
महिला आरक्षक की धमकी के बाद से जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा था। आत्मदाह को रोकने के लिए पूरी सुरक्षा व्यवस्था किया गया था। इतनी भीड़ को देखकर वहां पर आने जाने वाले हर किसी की नजर महिला आरक्षक के आत्मदाह की घटना पर थी। कलेक्ट्रेट कर्मचारी भी अपने आप को नहीं रोक पाए और इस घटना को देखने के लिए दोपहर 12 बजे से मेन गेट के सामने जमा हो गए। करीब एक घंटे तक यह ड्रामा चलता रहा। 4 बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय महिला को ले जाने पर माहौल शांत हो गया।
कलेक्टर को पत्र लिख दी थी सूचना
महिला आरक्षक की आत्मदाह की धमकी के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। 19 मई को सुबह से ही कलेक्ट्रेट परिसर में भारी संख्या में जवानों को तैनात कर दिया गया। महिला आरक्षक पद्मनी साहू सुबह सबसे पहले पुलिस अधीक्षक दफ्तर पहुंची और वहां पर रजिस्टर में हस्ताक्षर कर कलेक्ट्रेेर परिसर पहुंची। कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचते उसे महिला आरक्षकों ने घेर लिया। उसकी आने जाने की हर गतिविधियों पर नजर रखी। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया गया था।
कलेक्ट्रेट में करीब दो घंटे तक चली काउंसिलिंग
महिला आरक्षक ने आत्मदाह करने के लिए 12 बजे का समय दिया था। 10 मिनट पहले ही वह परिसर में पहुंच गई थी। करीब एक घंटा तक वह महिला आरक्षकों के निगरानी में परिसर में घुमती रही, कई लोगों से बातचीत करती रही। फिर काउंसलिंग के लिए बैठक कक्ष में ले जाया गया, जहां पर महिला एवं बाल विकास की टीम के साथ जिला प्रशासन की महिला टीम करीब 2 घंटे तक काउंसलिंग चली। काउंसलिंग के बाद उसे पुलिस अधीक्षक दफ्तर ले जाया गया, जहां पर उससे पुछताछ की जा रही है। इस संबंध में उच्च स्तरीय जांच कमेटी बली है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रत्ना सिंह, एएसपी कांकेर
Published on:
20 May 2023 03:57 pm
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