
झांकी में पुलिस और समिति के बीच हुआ विवाद, नाराज सुरक्षा बलों ने बरसाई लाठियां, घायल हुआ मासूम
कांकेर. छत्तीसगढ़ में गणेश विसर्जन के दौरान आम जनता व पुलिस बल के बीच विवाद हो गया। बात के ज्यादा बिगड़ने पर पुलिस की ओर से लाठीचार्ज शुरू कर दिया गया। इस लाठी चार्ज में दस साल का मासूम सहित कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद रात में लोगों ने कोतवाली थाना का घेराव कर जमकर हंगामा मचाया। वहीं, लाठी चलाने वाले पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग किया। इधर घायलों को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बता दें कि गणेश चतुर्थी के बाद अंतिम दिन कई समिति के सदस्य प्रतिमाओं की झांकी निकालकर ठंडा करने में लगे रहे। जब शहर के बड़े समितियों की झांकी पुराना बस स्टैण्ड से मस्जिद चौक पहुंची तो दर्शन करने आम जनता सहित भक्तों की भीड़ लगी रही। वहीं, समिति के पदाधिकारी युवा, युवतियां, महिला-पुरूष व बड़े लोग भी डीजे व बैन्ड बाजा के धुन पर थिरकते रहे। करीब 11 बजे कुछ समिति के पदाधिकारी व पुलिस कर्मियों के बीच विवाद हो गया, धीरे-धीरे विवाद गहराया।
इसके बाद सभी इसका विरोध करने लगे इसी बीच पुलिस के जवानों ने आम लोगों पर डंडा चलाया, जिसमें दस वर्ष के बच्चे के पैर में चोट आई, इसके अलावा कई अन्य लोग भी घायल हो गए। इस घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कोतवाली थाना पहुंच कर जमकर हंगामा मचाया और उचित कार्रवाई की मांग किया। जिसके बाद अधिकारी के समझाइस के बाद भी आक्रोशित लोगों ने सड़क पर आकर जाम किया।
इस घटना को लेकर आम जनता की भीड़ कोतवाली पहुंच कर कार्रवाई की मांग करती रही। जिसके बाद उच्च अधिकारी आकर सभी को शांत करवाया। कोतवाली थाना में पदस्थ प्रदीप यादव प्रधान आरक्षक को निलंबित कर रक्षित केन्द्र कांकेर में अटैच करने की बात कही। वहीं, इस घटना की पूरी कार्रवाई की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मूल कारण स्पष्ट हो पाएगा। इधर शहर में इस घटना के बाद तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है।
कांकेर के एएसपी कीर्तन राठौर ने कहा कि लाठी चार्ज करने के मामले में प्रधान आरक्षक को निलंबित कर रक्षित केन्द्र में अटैच किया गया है। इस घटना के जांच के लिए जांच अधिकारी एसडीओपी आकाश मरकाम को नियुक्त किया गया है।
Updated on:
26 Sep 2018, 11:20 AM IST
Published on:
26 Sep 2018, 11:20 AM IST
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