
Kanker News: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के नगर और आसपास के गांवों में पिछले कुछसमय में तेंदुओं और भालुओं की आमद बढ़ी है। कभी भालू शहर में लोगों के घर, भगवान के मंदिर, यहां तक होटलों में घुस जाता है, तो कभी आसपास के गांवों में तेंदुआ मॉर्निंग-इवनिंग वॉक करता दिख जाता है। हिंसक जानवरों की धमक बढ़ने से इलाके में दहशत भी बढ़ी है। ऐसे में लोगों ने सुरक्षा के लिए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मदद की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने वन विभाग की गश्त तेज करने की मांग भी की है।
Kanker News: गौरतलब है कि शहर से लगे डुमाली गांव की पहाड़ी में हाल ही में मादा तेंदुआ को 7-8 शावकों के साथ देखा गया है। गांववालों की मानें तो तेंदुए रोजाना भोजन की तलाश में गांव मे घुस रहे हैं। गांव के पालतू कुत्तों के अलावा कईबकरियों का भी शिकार कर चुके हैं। इससे गांव में दहशत का माहौल है। कलेक्टर के पास अपनी समस्या लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुए और भालू लगभग हर दिन गांव के आसपास देखे जा रहे हैं। वे भोजन की तलाश में यहां आ रहे हैं।
अभी तक पालतू जानवरों को अपना शिकार बना रहे हैं। मुर्गी-बकरियों के शिकार से हमारी रोजी-रोटी तो प्रभावित हो ही रही है, हमें इस बात की ज्यादा चिंता है कि ये हिंसक जानवर बच्चों या बुजुर्गों को नुकसान न पहुंचाएं।आलम ये है कि सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद लोग घर से बाहर निकलने में डर रहे हैं। ऐसे में लोगों ने कलेक्टर ने जान बचाने की गुहार लगाई है।
जोहर पटेल, रवि पटेल, राजाराम पटेल और रमेश पटेल ने बताया की डुमाली के जितने भी पालतू कुत्ते है, सभी को तेदुओें ने अपना शिकार बना लिया है। गांव में आवारा कुत्ते तक नजर नहीं आ रहे हैं। कुत्तों को अपना शिकार बनाने के बाद तेदुआ अब ग्रामीणो की मुर्गी और बकरियों को अपना शिकार बना रहा है। मुर्गी-बकरी का शिकार करने तेंदुआ रोज किसी न किसी के घर घुस आता है।शिकार कर लौटजाता है। अब तक जनहानि तो नहीं हुई, पर लोगों का इसका डर बहुत ज्यादा सता रहा है।
Updated on:
15 Oct 2024 12:19 pm
Published on:
15 Oct 2024 12:18 pm
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