20 मार्च 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Road Accident: शादी से पहले घर में मातम, सड़क हादसे में मां-बेटी की दर्दनाक मौत

Road Accident: कांकेर जिले में बोलेरो और बाइक की टक्कर में मां-बेटी की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है।

2 min read
Google source verification
तेज रफ्तार बोलेरो ने मां-बेटी को रौंदा

तेज रफ्तार बोलेरो ने मां-बेटी को रौंदा

Road Accident: कांकेर जिले में गुरुवार शाम हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियों को पलभर में मातम में बदल दिया। जिस घर में कुछ ही दिनों बाद शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब शोक का माहौल पसरा हुआ है। इस हादसे में मां-बेटी की जान चली गई, जबकि एक अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल है। यह दुर्घटना नरहरपुर मार्ग पर जुनवानी चौक के आगे चनार मोड़ के पास हुई।

Road Accident: तीनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल

जानकारी के मुताबिक, ग्राम बनसागर निवासी विकास शोरी अपनी भाभी शिवकुमारी शोरी और भतीजी प्रीति शोरी के साथ बाइक से कांकेर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत कोमलदेव अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने शिवकुमारी शोरी को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल प्रीति शोरी को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इस हादसे में विकास शोरी को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं और उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि यह परिवार पहले से ही कई दुख झेल चुका था और अब इस हादसे ने उन्हें पूरी तरह से तोड़ दिया है।

सख्त ट्रैफिक नियमों का पालन

Road Accident: छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में सड़क दुर्घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। खराब सड़क स्थितियां, तेज रफ्तार, लापरवाही से ड्राइविंग और यातायात नियमों की अनदेखी ऐसे हादसों के प्रमुख कारण माने जाते हैं। विशेष रूप से शाम और रात के समय हादसों की संभावना अधिक बढ़ जाती है, जब दृश्यता कम हो जाती है और वाहन चालक अक्सर गति पर नियंत्रण नहीं रख पाते।

ग्रामीण सड़कों पर मोड़ और संकरी लेन भी दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ाते हैं। पिछले कुछ वर्षों में राज्य में सड़क सुरक्षा को लेकर कई अभियान चलाए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता, सख्त ट्रैफिक नियमों का पालन और सुरक्षित ड्राइविंग ही ऐसे हादसों को रोकने का एकमात्र प्रभावी उपाय है।