script Naxal Attack : कांकेर में जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, पुलिस ने डरकर भागे नक्सली, इलाके में दहशत | Naxal Attack: Encounter between soldiers and Naxalites in Kanker | Patrika News

Naxal Attack : कांकेर में जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, पुलिस ने डरकर भागे नक्सली, इलाके में दहशत

locationकांकेरPublished: Nov 25, 2023 11:40:31 am

Submitted by:

Kanakdurga jha

Naxal Attack : पुलिस टीम माओवादियों के लोकेशन पर नजर बनाई हुई है।

कांकेर में जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़
कांकेर में जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़
कांकेर। Naxal Attack : जिला मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर दूर पहाड़ व जंगल से घिरा आमाबेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम गुमझीर व मरमाकोनारी के जंगल में शुक्रवार की सुबह करीब 11 बजे माओवादी व पुलिस की डीआरजी टीम के बीच फायरिंग हुई। मुठभेड़ करीब 1 घंटा तक चली। जवानो को गश्त के दौरान जंगल में एक जिंदा राकेट लांचर सहित भारी मात्रा में माओवादी सामग्री व दैनिक उपयोग के सामान बरामद किया गया है। इस घटना के बाद आसपास ग्रामीण इलाको में दहशत का माहौल बना हुआ। इधर पुलिस टीम माओवादियों के लोकेशन पर नजर बनाई हुई है।
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पुलिस की डीआरजी व बीएसएफ की संयुक्त टीम गुमझीर की ओर माओवादी गश्त के लिए निकली थी। टीम को सूचना मिला कि कुएमारी एरिया कमेटी के प्रभारी प्रसाद के साथ 12 माओवादी ग्राम मरमाकोनारी के जंगल में छिपे हुए है। सूचना पर गश्त टीम जंगल की ओर घेराबंदी कर आगे बढ़ रहे थे कि पहले से घात लगाकर बैठे माओवादियों ने पुलिस बल पर अंधाधुन फायरिंग कर दिया। संयुक्त टीम ने भी जवाबी फायरिंग शुरू किया। दोनों ओर करीब एक घंटा तक मुठभेड़ चलता रहा।
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पुलिस टीम को भारी पड़ता देख माओवादी पहाड़ व जंगल की आड़ लेकर भागने में सफल हो गए। माओवादियों के भागने पर संयुक्त टीम ने जंगल की ओर पहुंचकर बारीकी से जांच किया। सर्चिग के दौरान माओवादियों का जंगल में बनी अस्थाई कैंप में भारी मात्रा में माओवादी साहित्य,कपड़ा,दैनिक उपयोग के सामान,दवाइयां,एचई बम सहित अन्य माओवादी सामान जप्त कि या। पुलिस टीम इस दौरान आसपास क्षेत्र में गश्त व जांच और तेज कर दिया है। इस मुठभेठ में किसी जवान को हताहत होने की खबर नही है। सभी सकुशल वापस लौट गए हैं। संयुक्त टीम के आने के बाद माओवादियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया जाएगा।
सप्ताह भर से था माओवादियों का डेरा

घटना स्थल पर मिले सामानो से अंदाजा लगाया जा रहा है कि माओवादियों ने मरमाकोनारी जंगल को अपना अस्थाई कैम्प बना लिया था। बरामद हुए बर्तन के हिसाब से माओवादियों के टीम ने खाना पकाने के बाद खाकर उठे थे कि पुलिस टीम को देखकर चौकन्ना हो गए। मिले बर्तन में चांवल का शेष मात्रा बचा हुआ था। वहीं मिलें जरकीन में उपयोग के लिए पानी भरकर रखे हुए थे। अब टीम के आने पर ही पूरा खुलासा हो पाएगा कि जप्त में कौन-कौन से माओवादी साहित्य सहित अन्य सामान शामिल है।
शहर के नजदीक मिला था बैनरमाओवादी अब पुलिस टीम की कार्यवाही से बौखलाहट में आ गए। माओवादी के सक्रियता से उनके सदस्यों का मोहभंग हो रहा है और मुख्यधारा से जुड़ने के लिए आत्मसर्पण कर रहे हैं। इसके चलते माओवादी संगठन कमजोर हो रहा है। विदित हो कि पखवाड़े भर पहले माओवादियों ने जिला मुख्यालय से लगे ग्राम देवरी में बैनर पोस्टर लगाया था। अब करीब एक माह बाद महज 15 किेलोमीटर दूरी पर जंगल में पुलिस व माओवादी के बीच मुठभेड़ हुआ है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि माओवादी भी शहर के आसपास पहुंचकर अपने आप को सुरक्षित करने में लगे हुए हैं।
लाइट के लिए सोलर पैनल का उपयोग

माओवादियों ने जंगल में रात गुजारने के लिए सोलर पैनल का उपयोग कर रहे थे। जप्त सामग्री में वायर लिपटा हुआ सोलर पैनल भी मिला है। इसी तरह हरी सब्जियां भी मिली है,जिसे लेकर माओवादी चल रहे थे। मिले सामानो के आधार पर उक्त स्थान पर नक्सली सप्ताह भर तक वहीं रहकर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बनाने की सोच में रहे होगें। लेकिन पुलिस टीम ने उनकी योजना को पूरी तरह चकनाचुर कर दिया।
आमाबेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम गुमझीर पीढ़ापाल के आसपास जंगल में शुक्रवार की सुबह करीब 11 बजे माओवादी व पुलिस की डीआरजी टीम के बीच फायरिंग हुई। जंगल की आड़ लेकर माओवादी भागने सफल हुए। जांच के दौरान भारी मात्रा में माओवादी सामान मिला है,जिसकी जांच की जा रही है।
-अविनाश ठाकुर, डीएसपी,नक्सल आपरेशन, कांकेर

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