11 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

छत्तीसगढ़: इस जिले के स्कूलों को मिलेगा एक लाख रुपए तक का अनुदान

अब तक प्राइमरी व मिडिल स्कूलों के लिए सालाना 5 से 7 हजार रुपए तक अनुदान मिलता था।

2 min read
Google source verification
Chhattisgarh news

छत्तीसगढ़: इस जिले के स्कूलों को मिलेगा एक लाख रुपए तक का अनुदान

महासमुंद. अच्छी शिक्षा व सबको शिक्षा के तहत केंद्र सरकार समग्र शिक्षा योजना में अब सरकारी प्राइमरी व मिडिल स्कूलों को छात्र संख्या के आधार पर 25 हजार से एक लाख रुपए तक सालाना अनुदान देगा। अनुदान राशि बढऩे से अब स्कूलों को ऑफिस खर्च से लेकर छोटी-मोटी समस्याओं के निराकरण में दिक्कत नहीं होगी। अब तक प्राइमरी व मिडिल स्कूलों के लिए सालाना 5 से 7 हजार रुपए तक अनुदान मिलता था।

योजना में यह भी प्रावधान किया गया है कि अनुदान राशि में से 10 प्रतिशत राशि स्कूलों को स्वच्छता पर खर्च करनी होगी। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर, गांव और सरकारी कार्यालयों व अस्पतालों के साथ स्कूलों को भी साफ -सुधरा रखने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार योजना भी चलाई जा रही है। इसमें जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ विद्यालय को पुरस्कृत किया जाता है।

केंद्र सरकार द्वारा सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और शिक्षक शिक्षण अभियान को समायोजित कर नई एकीकृत शिक्षा योजना 1 मार्च से लेकर मार्च 2020 तक के लिए बनाई गई है। केंद्र सरकार की मंशा है कि सबको शिक्षा, अच्छी शिक्षा के नारे के साथ तैयार की गई समग्र शिक्षा योजना में प्रत्येक बच्चे को स्कूल तक पहुंचाकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ ही उनके कौशल विकास पर जोर दिया जाएगा।

गुणवत्तायुक्त शिक्षा को बढ़ावा
सरकारी स्कूलों को अनुदान देने का मकसद गुणवत्तायुक्त शिक्षा की व्यवस्था और छात्रों के सिखने की क्षमता में वृद्धि करना, स्कूली शिक्षा में सामाजिक और लैंगिक असमानता को पाटना, स्कूली शिक्षा के सभी स्तर पर समानता और समग्रता सुनिश्चित करना, स्कूली व्यवस्था में न्यूनतम मानक सुनिश्चित करना, शिक्षा के साथ व्यवसायीकरण प्रशिक्षण को बढ़ावा देना, नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार 2009 को लागू करने के लिए राज्यों की मदद करना, राज्यों की शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषदों, शिक्षण संस्थाओं और जिला शिक्षण और प्रशिक्षण संस्थाओं (डीआईईटी) को शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए नोडल एजेंसी के रूप में सशक्तऔर उन्नत बनाना है।

सबको शिक्षा, अच्छी शिक्षा के तहत समग्र शिक्षा योजना 2020 तक के लिए लागू की गई है। इस वर्ष अनुदान की राशि में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। इससे स्कूलों को फायदा मिलेगा।
योगेश साहू, प्रभारी, राजीव गांधी शिक्षा मिशन महासमुंद