
गुस्से में आरक्षक ने पत्नी और मां को जिंदा जलाया, दो महीने बाद मिली सजा
कांकेर. कांकेर के आरक्षक ने अपनी मां के साथ मिलकर अपनी पत्नी को जिंदा जला दिया। जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जिसके बाद पुलिस के द्वारा आरक्षक को उसके पद से बर्खास्त कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।
दुधावा चौकी अंतर्गत आने वाले नरहरपुर थाना में पंजीबद्ध अपराध व धारा 302, 304 (बी), 34 भादंवि के प्रकरण पर सुनाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश ने सरोना निवासी अभियुक्त आरक्षक कैलाश गंजीर (26) पिता दादू सिंह गंजीर को पत्नी की हत्या किए जाने के आरोप में दोषसिद्ध पाए जाने पर आजीवन कारावास एवं एक-एक हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है। साथ ही सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 19 में निहित प्रावधान अनुसार सेवा से बर्खास्त किया गया है।
जानकारी के अनुसार अभियुक्त कैलाश गंजीर द्वारा अपनी मां जमुना बाई गंजीर के साथ मिलकर 26 सितंबर 2018 को अपनी पत्नी पर मिट्टीतेल डालकर आग लगा दिया था, जिससे उसकी मृत्यु हो गई थी।
उपरोक्त प्रकरण में अपर सत्र न्यायाधीश कांकेर के पारित निर्णय के परिपालन में पुलिस अधीक्षक कांकेर द्वारा 21 नवंबर 2018 को आरक्षक क्रमांक 1175 कैलाश गंजीर चौकी दुधावा हाल-परिरूद्ध केन्द्रीय जेल जगदलपुर को आदेश दिनांक से मप्र/छग सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियत्रण तथा अपील) नियम- 1966 के नियम- 19 (एक) में निहित प्रावधान अनुसार सेवा से बर्खास्त किया गया है।
Updated on:
22 Nov 2018 03:22 pm
Published on:
22 Nov 2018 01:21 pm
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