
गांववालों ने नहीं करने दिया अंतिम संस्कार
Chhattisgarh News: भानुप्रतापपुर। कोरर थाना क्षेत्र डोमाहर्रा गांव में बुजुर्ग महराराम कड़ियाम 56 वर्ष की मौत के बाद गांव में कफन दफन के लिए दो गज जमीन नहीं मिली। गांव वालों ने स्वंय की निजी जमीन मेें भी दफनाने नहीं दिया। अंतत: पुलिस प्रशासन की मदद से भानुप्रतापपुर में दफनाया गया।
जानकारी के अनुसार कोरर थाना क्षेत्र के डोमाहर्रा गांव निवासी माहराराम कड़ियाम का निधन 2 जून को शाम करीब 6 बजे हो गया। मृतक के बेटे घसिया राम, राकेश एवं रोशन तथा बेटी रोशनी ने बताया कि 5 वर्ष पूर्व परिवार में किसी न किसी की हमेशा तबीयत खराब रहती थी। इस दौरान पास्टर से संपर्क हुआ तो प्रार्थना करने के बाद सब ठीक हो गया। बीमारी ठीक होने पर परिवार की आस्था उस (kanker news) धर्म के प्रति बढ़ गई और पूरा परिवार धर्मातांतरित हो गया। 2 जून को शाम 6 बजे बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। शव को डोमाहर्रा गांव लाया गया। जहां गांव वालों ने अंतिम संस्कार करने से रोक दिया। स्वयं की निजी जमीन पर भी शव को दफनाने नहीं दिया।
गांव से 40 किमी दूर किया शव का अंतिम संस्कार
पुलिस प्रशासन से मदद मांगी गई तो पुलिस ने गांव में विवाद बढ़ने से रोकने गांव से 40 किमी दूर भानुप्रतापपुर में शव का अंतिम संस्कार करा दिया। पुलिस प्रशासन की ओर से एसआई अखिलेश धीवर ने बताया कि गांव में ग्रामीणों को समझाने देने की कोशिश की। लेकिन (cg news) ग्रामीण नहीं माने। ग्रामीणों का कहना था कि अगर उसके निजी जमीन में भी शव को दफनाया गया तो निकाल देंगे। विवाद न बढ़े यह देखते हुए मृतक के परिवार के सहमति से भानुप्रतापपुर लाया गया।
धर्म परिवर्तन करने से क्षेत्र में बढ़ रहा विवाद
कुछ माह से जिले में धर्मांतरण को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। आदिवासियों के धर्म परिवर्तन के बाद शव दफन को लेकर अधिक विवाद है। धर्मांतरण करने वाले ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। गांव में धर्मांतरण करने वाले ग्रामीणों और मूल धर्म आदिवासियों के (kanker news) बीच लगातार विवाद हो रहा है। वहीं अब धर्मांतरित हो चुके ग्रामीणों के घर में मौत होने पर शव दफनाने को लेकर भी लगातार जिले से लेकर गांव गांव तक विवाद बढ़ता जा रहा है।
Updated on:
04 Jun 2023 03:09 pm
Published on:
04 Jun 2023 03:09 pm
