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फर्जी मार्कशीट लगाकर बन गए टीचर, हर महीने उठा रहे थे सैलरी, जांच में खुली पोल

बर्खास्त होने वालों शिक्षकों में 10 फिरोजाबाद के निवासी हैं। आगरा, औरैया और मथुरा के तीन लोग हैं।

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2018 में निकली 69 हजार शिक्षक भर्ती में फर्जी मार्कशीट के आधार पर नौकरी पाने वाले 13 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। बीसीए ने इससे जुड़े बीईओ को उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को कहा है। शिक्षकों की भर्ती काउंसिलिंग के आधार पर हुई थी। जांच के दौरान कन्नौज के 22 शिक्षकों का मार्कशीट फर्जी पाया गया।

इन लोगों ने फर्जी मार्कशीट लगाकर नौकरी हासिल कर ली थी। ये लोग सैलरी भी उठा रहे थे। अब इन लोगों की सैलरी रोक दी गई है।


सुनवाई के लिए तीन बार भेजा गया नोटिस

विभाग ने शिक्षकों को तीन बार नोटिस भेजकर सुनवाई के लिए बुलवाया। ये लोग एक बार भी पेश नहीं हुए। 29 सितंबर को आखिरी बार नोटिस भेजकर बुलाया गया। इसके बाद उन्हें बर्खास्तगी का नोटिस थमा दिया गया। इस मामले में 9 शिक्षक पहले ही बर्खास्त हो चुके थे। 4 को अब बर्खास्त किया गया है।


बीएसए कौशिक ने बताया कि फर्जी मार्कशीट के आधार पर नौकरी पाने वालें 13 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि फर्जी सत्यापन कार्यालय में भिजवाकर शिक्षकों ने खुद को सही साबित करने का असफल प्रयास किया। अब इन पर कार्रवाई हुई है।

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