25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Whatsapp ग्रुप पर चल रहा था इंटरनेशनल चाइल्ड पोर्न रैकेट, सीबीआई ने ऐसे किया पर्दाफाश

सीबीआई टीम ने यूपी के कन्नौज से मास्टर माइंड ग्रुप एडमिन को किया गिरफ्तार, अब खुलेंगे कई राज...

2 min read
Google source verification
cbi busted global child pornography racket

कन्नौज. गुरुवार को सीबीआई ने इंटरनेशनल चाइल्ड पोर्नोग्राफी का बड़ा पर्दाफाश किया है। मामले में सीबीआई ने कन्नौज के एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी वाट्सएप ग्रुप का एडिमन था। चाइल्ड पोर्नोग्राफी का यह रैकेट एक वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए चल रहा था, जिसमें कई देशों के लोग जुड़े थे। इस ग्रुप में 119 सदस्यों वाले इस ग्रुप का नाम KidsXXX है। इस ग्रुप में बच्चों से जुड़े पोर्न वीडियो/ फोटो शेयर किए जाते थे।

सीबीआई सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, चाइल्ड पोर्नोग्राफी में भारत के अलावा यूएसए, चीन, मेक्सिको, अफगानिस्तान, ब्राजील, पाकिस्तान, श्रीलंका, नाइजीरिया और केन्या जैसे देशों के लोग भी शामिल हैं। 119 सदस्यों वाला यह वाट्सएप ग्रुप एक मास्टर ग्रुप की तरह काम करता था। इसके संपर्क में दुनिया भर के देशों के लोग हैं। संभावना जताई जा रही है। इस ग्रुप में एडमिन के जरिये पोर्न वीडियो अपलोड किये जाते थे, जिन्हें ग्रुप के दूसरे सदस्य डाउनलोड करके वितरित करते थे।

भारत में इन पर कसा सीबीआई का शिकंजा
भारत में इस ग्रुप के पांच एडमिन बताये जा रहे हैं। इनमें कन्नौज के निवासी निखिल वर्मा के अलावा चार अन्य आरोपियों में दिल्ली के (नफीस रेजा और जाहिद), मुंबई (सत्येंद्र ओमप्रकाश चौहान) और नोएडा (आदर्श) का एक-एक आरोपी है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कन्नौज निवासी निखिल वर्मा को गिरफ्तार किया है। उसकी उम्र 20 वर्ष है। उसके पिता एक छोटी ज्वैलरी शॉप चलाते हैं। निखिल कॉमर्स विषय के ग्रेजुएशन कर रहा है और मौजूदा समय में बेरोजगार है।

प्लान बनाकर सीबीआई ने की छापेमारी
गुरुवार को सीबीआई की टीम ने इन सभी आरोपियों के घर पर योजनाबद्ध तरीके से छापा मारा और आरोपियों के लैपटॉप, टैबलेट, hardwares और मोबाइल फोन बरामद किये हैं। सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों के घरों से मिले हार्डवेयर्स में बच्चों से जुड़े अश्लील वीडियो और तस्वीरें हैं। माना जा रहा कि सीबीआई की पूछताछ में अभी कई और मामले सामने आएंगे।

ऐसे हुआ ग्रुप का पर्दाफाश
इंटेलिजेंस से इनपुट मिलने के बाद सीबीआई ने योजना बनाकर इस ग्रुप को ज्वॉइन किया और इस पर पैनी नजर रखते रहे। इस दौरान सीबीआई ने आईपी ऐड्रेस के द्वारा ग्रुप एडमिन के बारे में डिटेल खंगालते रहे। गुरुवार को फुल प्रूफ बनाकर आरोपियों के ठिकाने पर छापेमारी की। सीबीआई की टीम इस मामले की गहनता से जांच कर रही है, साथ ही पता लगाने के प्रयास में भारत में इसकी जड़ें और कितनी गहरी हैं।