
कन्नौज. कन्नौज में बिकने वाली इत्र की सुगंध अब दक्षिण अफ्रीका तक फैलेगी। उद्यमिता विकास संस्थान चेन्नई तमिलनाडू के सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र के साथ इसका उत्पादन किया जाएगा। इसके लिए दोनों के बीच एमओयू साइन किया गया है। चेन्नई से विकास संस्थान डॉ. कलानी गनेशा के साथ किसान और कारोबारियों की दस सदस्यीय टीम पहुंची। उन्होंने इस पर विचार कर एमओयू साइन किया।
किसानों और कारोबारियों को भी फायदा
डॉ. कलानी ने बताया कि वह चेन्नई में इत्र उत्पादन करना चाहते हैं। ऐसा करने से दक्षिण भारत में इत्र कारोबार फैलेगा और इसकी बढ़ोतरी होगी। इससे यहां के किसानों और कारोबारियों को भी फायदा होगा और उनकी आमदनी भी बढ़ेगी। दोनों देशों के बीच सहमति बन गयी है और यहां प्रशिक्षण के लिए टीम बनाई जा रही है।
तकनीकी सहयोग से बनेगी इत्र
दक्षिण भारत में तकनीकि सहयोग से इत्र बनाने की बारीकियां बताई जाएंगी। इत्र किस तरह तकनीक से बनेगी, इसकी प्रशिक्षण देने के लिए टीम भेजी जाएगी। तेल, फूल, लेमन ग्रास, मेंथा ऑयल समेत फूलों की खेती करना सिखाया जाएगा। इसके लिए यहां से तमाम चीजें भेजी जाएंगी और उधर से भी कुछ चीजें ली जाएंगी। दोनों देशों से कुछ न कुछ लिया जाएगा और भेजा जाएगा। इससे दोनों देशों के बीच आपसी तालमेल भी बैठेगा।
भारतीय प्रोडक्टस की विदेशों में धूम
भारत के चुनिंदा शहरों के कुछ प्रोडक्टस ऐसे हैं, जिनकी धूम विदेशों में छाई हुई है। इससे भारतीय प्रोडक्टस का और भारत का नाम रौशन होता है। सात समुंदर पार रह रहे लोगों को इसकी जानकारी मिलती है।
कंपनी और किसानों को फायदा
चेन्नई में उत्पादन करने की वजह दक्षिण भारत में इत्र का कारोबार फैलेगा और इसकी बढ़ोतरी होगी। कंपनी को फायदा मिलेगा और किसानों को भी फायदा मिलेगा। इससे कारोबारियों को भी फायदा मिलेगा और दोनों देशों के बीच का आपसी तालमेल बैठेगा।
Published on:
23 Mar 2018 12:54 pm
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