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कन्नौज में जेई ने रिश्वत लेने के बाद भी ट्रांसफार्मर से नहीं जोड़ा कनेक्शन, मंत्री की शिकायत पर किया गया निलंबित

Electricity Department JE suspended: कन्नौज में बिजली विभाग के अवर अभियंता के खिलाफ मंत्री असीम अरुण ने अधीक्षण अभियंता से शिकायत की थी। अपने शिकायती पत्र में उन्होंने बताया कि रिश्वत की रकम लेने के बाद भी जेई ने बिजली कनेक्शन नहीं किया। जेई को निलंबित कर दिया गया है।
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मंत्री असीम अरुण फाइल फोटो, फोटो सोर्स- X असीम अरुण

मंत्री असीम अरुण, फाइल फोटो, फोटो सोर्स- X असीम अरुण

JE Suspended in Kannauj: कन्नौज में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन जेई (JE) ने ट्रांसफार्मर से कनेक्शन जोड़ने के लिए 28,000 रुपए रिश्वत की मांग की। इस पर उपभोक्ता ने 25 हजार रुपए दे दिए। लेकिन जेई संतुष्ट नहीं हुआ। वह 3 हजार रुपए की मांग करता रहा। इसी बीच जेई जंपर भी उतरवा लिया। इस संबंध में पीड़ित ने समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण से शिकायत की और जेई के खिलाफ पर्याप्त प्रमाण दिए। जिसमें ऑडियो रिकॉर्डिंग और स्कैनर भी शामिल है। रिश्वतखोरी की बात सुनकर समाज कल्याण मंत्री नाराज हुए और उन्होंने अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर कार्रवाई करने की मांग की। मिली शिकायत के आधार पर अधीक्षण अभियंता ने जेई को निलंबित कर दिया। मामला ठठिया क्षेत्र से जुड़ा है।

बिजली कनेक्शन के नाम पर रिश्वत

उत्तर प्रदेश के कन्नौज के ठठिया के ककरघटा गांव निवासी राज नारायण ने बिजली कनेक्शन के लिए अवर अभियंता (JE) से संपर्क किया। जेई छंगा राम ने बिजली कनेक्शन जोड़ने के लिए रिश्वत की मांग की। सौदा 28 हजार रुपए में तय हुआ। इस पर राज नारायण ने जेई को 25 हजार दे दिए। तीन हजार बाकी रह गया था।

पूरे पैसे की कर रहा था डिमांड

जेई कनेक्शन जोड़ने से पहले पूरे रकम देने का दबाव बना रहा था। बकाया ना मिलने पर जेई ने खंबे में लगा बिजली के तार का जंपर भी उतरवा लिया। जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई। पीड़ित राज नारायण ने जेई छंगा राम के साथ हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रख ली। इसके साथ ही रिश्वत की रकम का प्रमाण राज नारायण के पास था।

प्रदेश शासन में मंत्री असीम अरुण से शिकायत

बिजली विभाग के जेई से परेशान राज नारायण ने समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण से इस मामले में शिकायत की। जेई की कार्यप्रणाली सुनकर असीम अरुण ने नाराज हुए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जीरो टॉलरेंस की नीति के बाद भी रिश्वत की मांग करना गलत है। उन्होंने अधीक्षण अभियंता को संबंध में पत्र लिखा।

रिश्वत के प्रमाण के साथ की गई शिकायत

अधीक्षण अभियंता को लिखे पत्र में मंत्री असीम अरुण ने बताया कि जिले में तैनात छंगा राम बस्ती कटरा पटरी क्षेत्र में विद्युत विभाग में जेई के पद पर तैनात है। उन्होंने राज नारायण से ट्रांसफार्मर कनेक्शन जोड़ने के लिए 28000 की मांग की। 25 हजार रुपए मिलने के बाद भी बकाया 3 हजार की और मांग की गई। न देने पर जेई ने जंपर उतरवा  रिश्वतखोरी लेनदेन से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग और क्यू आर कोड इसका प्रमाण है।

अधीक्षण अभियंता ने किया निलंबित

मंत्री असीम अरुण ने यह भी लिखा कि मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार की जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रहे हैं। इसके बाद भी इस तरह खुलेआम रिश्वत मांगना अत्यंत शर्मनाक, अनैतिक और अवैधानिक है। अधीक्षण अभियंता से जांच करवा कर अवर अभियंता के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने 17 अगस्त तक कार्यवाही के संबंध में अवगत कराने को भी कहा। समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण से मिले प्रमाण की जांच के बाद अधीक्षण अभियंता ने अवर अभियंता छंगा राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और जांच के आदेश दिए हैं।

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