
पुलिस टीम पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में हिस्ट्रीशीटर और उसके बेटे को लगी गोली
उत्तर प्रदेश के कन्नौज में हिस्ट्रीशीटर के घर से हुई फायरिंग के बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। जिसमें हिस्ट्रीशीटर और उसके बेटे को गोली लगी। जिसे उपचार के लिए अस्पताल लाया गया है। पुलिस में पत्नी को भी गिरफ्तार किया है। हिस्ट्रीशीटर के घर पुलिस गिरफ्तारी का वारंट लेकर गई थी। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार कर जैसे ही गाड़ी में बैठाया, घर के अंदर से पुलिस पर गोलियां बरसाई गई। एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर के घर से अवैध तमंचा, दोनाली बंदूक, कारतूस के 100 खोखे मिले हैं। जिसके खिलाफ अलग-अलग थानों में 20 मुकदमे दर्ज है।
घटना बिशुनगढ़ थाना क्षेत्र के धरनी धरपुर नगरिया गांव की है। बिशुनगढ़ और छिबरामऊ पुलिस हिस्ट्रीशीटर अशोक उर्फ मुन्ना यादव को अदालत का वारंट लेकर गिरफ्तार करने गई थी। पुलिस घर से हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार कर अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इसी बीच घर से पुलिस टीम पर फायरिंग होने लगी। फायरिंग के बीच पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद अपने आप को बचाया। लेकिन एक गोली बिशुनगढ़ थाने में तैनात सिपाही सचिन राठी के दाहिने जंग में गोली लग गई। जिसे उपचार के लिए कानपुर रिफर किया गया है।
पीएसी के साथ चार थानों की पुलिस पहुंची
पुलिस टीम पर फायरिंग की जानकारी मिलने पर छिबरामऊ, सौरिख, तालग्राम, तिर्वा थाने की पुलिस के साथ पीएससी को भी मौके पर भेजा गया। भारी संख्या में पहुंची पुलिस ने अशोक यादव के घर को चारों तरफ से घेर लिया। करीब रात 8 बजे घर के अंदर से हो रही फायरिंग रुकी। उसके बाद पुलिस घर के अंदर घुसी।
क्या है घटना?
हिस्ट्रीशीटर अशोक यादव के ऊपर छिबरामऊ थाना में हत्या का मुकदमा दर्ज है। जिसमें उसने अपने शिक्षक भाई रामसरोवर यादव की हत्या कर दी थी। 4 अगस्त 2007 को हुई हत्या की घटना में अदालत ने गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था। अदालती वारंट मिलने के बाद पुलिस अशोक यादव को गिरफ्तार करने गई थी। जिसमें छिबरामऊ कोतवाली प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह, विष्णुगढ़ थाना प्रभारी पारूल चौधरी के साथ उनकी टीम थी।
पिता को छुड़ाने के लिए पुलिस पर फायरिंग
पुलिस ने अशोक यादव को गिरफ्तार कर अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इसी बीच हिस्ट्रीशीटर का बेटा अभय यादव छत से पुलिस टीम पर फायरिंग करने लगा। फायरिंग से खुद को बचाने के लिए पुलिस को इधर-उधर भागना पड़ा। पुलिस के इधर-उधर होते ही अभय यादव अपने पिता अशोक को छुड़ा ले गया। दोनों घर के अंदर घुस गए। पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। घर के अंदर से फायरिंग रुकने के बाद पुलिस अंदर गई।
क्या कहते हैं एसपी अमित कुमार आनंद?
पुलिस के घर के अंदर प्रवेश करते ही अशोक यादव और उसका बेटा अभय दोनों भागने लगे। जिसे पुलिस ने पैरों में गोली मारकर लंगड़ा कर दिया। दोनों को 100 शैय्या अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उपचार चल रहा है। एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि घर से कारतूस के सौ खोखे मिले हैं। इसके साथ ही अवैध तमंचा और दोनाली बंदूक भी मिला है। पत्नी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
क्या है बिकरू कांड?
कानपुर के बिकरू गांव में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे और उसके साथियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम गई थी। जहां पर विकास दुबे और उसके गुर्गों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। यहां पर पुलिस को समझने का मौका ही नहीं मिला। जिसमें सीओ सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। बाद में पुलिस ने विकास दुबे को उज्जैन महाकाल से गिरफ्तार किया था। कानपुर लाते समय रास्ते में विकास दुबे ने भागने का प्रयास किया। जिसे मुठभेड़ में मार दिया गया। 2 जुलाई 2020 को हुई इस घटना की चर्चा आज भी होती है।
Published on:
26 Dec 2023 08:41 am
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