22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Kannauj news: प्राथमिक विद्यालय के लिए आई 6 कुंतल 50 किलो किताबें पहुंची कबाड़ी के पास, हुई कार्रवाई

कन्नौज में सर्व शिक्षा अभियान की किताबें कबाड़ की दुकान में मिलने के बाद हुई जांच में बड़ा घोटाला सामने आया है। हेडमास्टर को निलंबित और शिक्षामित्र को बर्खास्त किया गया है। मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

2 min read
Google source verification
प्राथमिक विद्यालय की किताबें पहुंची कबाड़ी के पास

प्राथमिक विद्यालय की किताबें पहुंची कबाड़ी के पास

उत्तर प्रदेश के कन्नौज में प्राथमिक विद्यालय के बच्चों के लिए आई किताबें कबाड़ी वाले के पास पहुंच गई। मामला सामने आने के बाद विभागीय जांच कराई गई। जिसमें हेड मास्टर दोषी पाया गया। बीएसए कार्रवाई करते हुए हेड मास्टर को निलंबित कर दिया। जबकि शिक्षामित्र को बर्खास्त किया गया है। खंड शिक्षा अधिकारी को दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। मामला प्राथमिक विद्यालय कचाटीपुर का है।

उमर्दा विकासखंड का प्राथमिक विद्यालय कचाटीपुर इस समय चर्चा में है। विद्यालय में सब शिक्षा अभियान के अंतर्गत बच्चों के लिए किताबें भेजी गई थी। इन किताबों को यहां के प्रधानाध्यापक राजेश कांत, शिक्षा मित्र रनपाल ने कबाड़ी के हाथ को बेच दिया। ‌

खंड शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में जांच टीम बनी

मामला सामने आने के बाद बीएसए ने उमर्दा खंड शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ पाठक के नेतृत्व में जांच टीम गठित की। जांच टीम की आंखें उसे समय फटी की फटी रह गई। जब कबाड़ी का काम करने वाले विजय कुमार की दुकान में सरकारी किताबों की 13 बोरिया मिली। जिनका वजन 6 कुंतल 50 किलो था। कबाड़ी से जानकारी मिली कि हेडमास्टर ने इन किताबों को 7800 रुपए में बेचा है।

प्राथमिक विद्यालय के रजिस्टर का भी हुआ निरीक्षक

जांच टीम का कचाटीपुर प्राथमिक विद्यालय पहुंची। जहां छात्रों की उपस्थिति रजिस्टर का निरीक्षण किया। जिसमें कुल 285 छात्रों के नाम लिखे थे। विद्यालय के निरीक्षण के दौरान केवल 63 छात्र उपस्थित मिले। जबकि अलग-अलग तिथियां में छात्रों की उपस्थिति 191, 176, 180 लिखी मिली। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद बीएसए कौस्तुभ कुमार ने प्रधानाध्यापक को निलंबित कर शिक्षामित्र को बर्खास्त दिया।

यह भी पढ़ें: Kannauj news; बिरयानी के पैसे मांगने पर अधिकारी ने कहा खिलाना पिलाना शबाब का काम, वीडियो वायरल

मिड डे मील में भी घोटाला

बीएसए ने बताया कि प्रधानाध्यापक ने छात्र संख्या अधिक दिखाकर ज्यादा किताबें ली है। मिड डे मील के खाद्यन्न और धनराशि में भी घोटाला किया गया है। जांच टीम में नितेश कुमार, सतपाल सिंह, प्रमोद कुमार, विजय कुमार, अशोक कुमार शामिल थे।