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साहब, मुकदमे की पैरवी के लिए नहीं बचा है पैसा, इसलिए इच्छा मृत्यु की दे दीजिये परमीशन

साहब, मुकदमे की पैरवी के लिए नहीं बचा है पैसा, इसलिए इच्छा मृत्यु की दे दीजिये परमीशन "

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साहब, मुकदमे की पैरवी के लिए नहीं बचा है पैसा, इसलिए इच्छा मृत्यु की दे दीजिये परमीशन

कन्नौज. जिले में अपने दबंग किस्म के पड़ोसी की हरकतों से परेशान एक परिवार कलेक्ट्रेट और पुलिस कार्यालय पहुंचकर एक व्यक्ति ने परिवार सहित इच्छामृत्यु की मांग की है। यह परिवार उत्पीड़न और फर्जी मुकदमों से सालों से परेशान हैं और अब हालत यह हो चुकी है कि पूरा परिवार भुखमरी की कगार पर आ चुका है। अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने पर पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया। अफसरों ने पीड़ित को कार्रवाई का आश्वासन देते हुए जांच कराकर न्याय दिलाने की बात कही हैं।


इच्छा मृत्यु से अफसरों में मचा हड़कंप

कन्नौज जनपद की सदर कोतवाली क्षेत्र के लाला मिश्र मोहल्ला निवासी राजेश कुमार पुत्र स्व. नरेन्द्र नाथ परिवार के साथ डीएम कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने अफसरों को प्रार्थना पत्र देकर परिवार सहित इच्छा मृत्यु की स्वीकृति देने की मांग की। राजेश कुमार की अर्जी देखते ही अफसरों में हड़कंप मच गया। अफसरों ने राजेश कुमार को समझाते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही मामले की उच्च अधिकारियों से जांच कराने की बता कही।


नौ सदस्यों पर दर्जन भर से अधिक झूठे मुकदमे

पीड़ित राजेश कुमार की मानें तो उसके परिवार की एक महिला से मोहल्ले के ही रामजी पुत्र जगदीश शंखवार से अवैध संबंध हैं। रामजी न्यायालय में एक अधिवक्ता के पास मुंशी का काम करता है। जिसका फायदा उठाते हुए उसने अभी तक परिवार के नौ सदस्यों पर दर्जन भर से ज्यादा झूठे मुकदमे दर्ज करा दिए हैं। पीड़ित परिवार से अफसरों को दिए प्रार्थना पत्र में यह भी कहा है कि झूठे मुकदमों से वह और उसका परिवार बेहद परेशान है। कई बार अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।


कोर्ट की तारीख़ से भुखमरी पर आया परिवार
पीड़ित की मानें तो परिवार कोर्ट की तारीख़ कर जमानत व वारन्ट में अपनी मेहनत की गाड़ी कमाई को खर्च करता रहा। आज इस परिवार के पास अपने बच्चों की परवरिस करने व उनकी पढ़ाई तक के लिए पैसे नहीं हैं। पूरा परिवार भुखमरी की भयंकर परिस्थितियों से गुजर रहा है। इसी से परेशान होकर यह परिवार आज जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार के कार्यालय में जाकर धरना पर बैठ गया। पीड़ित की मांग है की अब हम मुकदमों का खर्च नहीं उठा पा रहे इसलिए मेरे परिवार को इच्छा मृत्यु की इजाजत दी जाएं। इन फर्जी मुकदमों से मेरा परिवार बर्बाद हो गया बच्चों की पढ़ाई बन्द हो गई घर में खाने को भी नहीं है।


अस्सी वर्षीय वृद्धा को भी जाना पड़ा जेल
इस मामले में सबसे बड़ी बात यह थी कि इस परिवार में एक 80 साल की बृद्ध महिला के ऊपर भी मुकदमे दर्ज थे। जो इन्साफ मांगने अपने परिवार साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची। पीड़ित परिवार के साथ आई अस्सी वर्षीय वृद्धा की मानें तो उस पर भी तीन तीन मुकदमे हैं। इन मुकदमों की वजह से उसे भी तीन बार जेल जाना पड़ा। पीड़ित परिवार के परिवार में सिर्फ एक नाबालिग बच्चे को छोड़कर 80 साल वृद्ध महिला सहित सभी के खिलाफ 16 मुकदमे दर्ज हैं।


न्याय का मिला भरोसा
उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों ने न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। अगर न्याय नहीं मिला तो वह कदम पीछे नहीं खींचेंगे। डीएम से मिलने के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस कार्यालय पहुंचकर एसपी किरीट राठौड़ से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। एसपी ने पीड़ित परिवार के दर्द को गंभीरता से समझते हुए मामले की जांच कराकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया।

सदर कोतवाली हुई चौकन्नी

अफसरों से मिलते समय पीड़ितों की आंखों से आंसू बहते रहे। जैसे ही आला अफसरों तक यह मामला पहुंचा तो सदर कोतवाली भी चौकन्नी हो गई। आनन-फानन में सदर कोतवाल एसके सिंह और सरायमीरा चौकी प्रभारी प्रदीप त्यागी पुलिस कार्यालय पहुंच गए और पीड़ित परिवार के सदस्यों को समझाकर न्याय दिलाने की बात को दोहराया।