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नवागत डीएम ने आइजीआरएस मामले में तीन एसडीएम की ली क्लास, शिकायतकर्ताओं से नहीं किया गया संपर्क

Review of IGRS, Newly appointed DM sought answers from three SDM कन्नौज डीएम ने आईजीआरएस की समीक्षा बैठक की। जिसमें तीन उप जिलाधिकारियों की लापरवाही निकलकर सामने आई। नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने शिकायतों को समय से दूर करने के निर्देश दिए।

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Review of IGRS, Newly appointed DM sought answers from three SDM कन्नौज में नवागत जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने चार्ज लेने के बाद कलेक्ट्रेट में बैठक बुलाई। जिसमें आईजीआरएस मामलों की समीक्षा की गई। इस दौरान कई अनियमिताएं पाई गई। जिसको लेकर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित उप जिलाधिकारियों से जवाब मांगा है।‌ उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि आईजीआरएस में आने वाले शिकायतों का निस्तारण समय से किया जाए। शिकायतकर्ताओं से मिलकर उनकी शिकायतों को सुना जाए। ‌जिलाधिकारी कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में समीक्षा बैठक कर रहे थे।

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उत्तर प्रदेश के कन्नौज में मुख्यमंत्री के विशेष सचिव आशुतोष मोहन अग्निहोत्री को डीएम बनाकर भेजा गया है। उन्होंने बुधवार की शाम को जिलाधिकारी का चार्ज लिया। दूसरे दिन कलेक्ट्रेट सभागार में आइजीआरएस पर आने वाली शिकायतों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान या बात निकाल कर सामने आई थी एसडीएम कन्नौज ने 52 शिकायतकर्ताओं से संपर्क नहीं किया है।

शिकायतकर्ताओं से नहीं किया गया संपर्क

समीक्षा बैठक में मिली जानकारी के अनुसार एसडीएम तिर्वा, एसडीएम छिबरामऊ की भी लापरवाही सामने आई। तिर्वा एसडीएम ने 122 और छिबरामऊ एसडीएम ने 78 शिकायतकर्ताओं से मुलाकात नहीं की। बिजली विभाग और तहसील के मामलों में भी लापरवाही पाई गई। दोनों ही जगह 23-23 मामलों में शिकायत करने वालों से संपर्क नहीं किया गया जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्ति की और। उन्होंने चेतावनी दी की शिकायतकर्ताओं से मिलकर समस्याओं का निस्तारण किया जाए।

जनसुनवाई ऐप इंस्टॉल करने के निर्देश

आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि उनके मोबाइल में जनसुनवाई ऐप इंस्टाल होना चाहिए। साइट के साथ अपने आप को अपडेट रखें। विभिन्न मामलों को खोलकर खुद देखें। शिकायतों का निस्तारण वही अधिकारी करें। जिसे संबंधित मामला है। कोई भी मामला डिफाल्टर श्रेणी में ना रहे। इस मौके पर अपर जिला अधिकारी आशीष कुमार सिंह, देवेंद्र सिंह, जिला विकास अधिकारी नरेंद्र देव द्विवेदी आदि अधिकारी मौजूद थे।