
मेडिकल कॉलेज की मान्यता पर मंडरा रहे खतरे के बादल
कानपुर। पहले से ही परमानेंट फैकल्टी की कमी झेल रहे जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज को बड़ा झटका लगा है. शासन ने कॉलेज के 9 सीनियर फैकल्टी का तबादला कर दिया है, जिसमें 3 प्रोफेसर व 4 एसोसिएट प्रोफेसर भी शामिल हैं. शासन ने सभी फैकल्टी मेंबर्स को नए बने मेडिकल कॉलेजों की मान्यता बचाने के लिए ट्रांसफर किया है, लेकिन इस कदम से खुद जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की मान्यता खतरे में पड़ गई है. कारण है कि क्योंकि अब यहां फैकल्टी स्वीकृत पदों से आधे से भी कम हो गई है. जल्द ही एमसीआई का मेडिकल कॉलेज में भी इंस्पेक्शन प्रस्तावित है. ऐसे में अगर फैकल्टी की कमी को पूरा न किया गया तो एमबीबीएस की सीटें बढऩे की बजाय घट जाएंगी.
नजर डालिए इनपर
नेत्र रोग विभाग के प्रोफेसर आरएन कुशवाहा, पैथोलॉजी विभाग से प्रो.सुमनलता वर्मा, बालरोग विभाग के प्रो.एके आर्या, मेडिसिन विभाग से एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.विशाल गुप्ता व डॉ.आरके वर्मा, एनीस्थीसिया विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.चंद्रशेखर, सर्जरी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.पवन कुमार सिंह, डॉ.सियाराम सिंह, डॉ. बाबूलाल व कम्यूनिटी मेडिसिन के प्रवक्ता डॉ.अभय सिंह का ट्रांसफर हुआ है. इन सभी को सहारनपुर, जालौन, आजमगढ़ व बांदा के मेडिकल कॉलेजों में भेजा गया है जहां सरकार को नई मेडिकल फैकल्टी नहीं मिल रही है.
190 सीटें एमबीबीएस की
मेडिकल कॉलेज में अभी 190 एमबीबीएस की सीटें हैं. पिछले दिनों एमसीआई ने मेडिकल कॉलेज का इंस्पेक्शन किया था तो कई कमियां बताई थीं जिन्हें दूर करने को भी कहा था. हालांकि उस वक्त मेडिकल फैकल्टी की कमी को लेकर ज्यादा तल्खी नहीं दिखाई गई थी, लेकिन पिछले महीने और बुधवार को मेडिकल कॉलेज से 18 सीनियर फैकल्टी मेंबर्स कम हो गए. इसमें ज्यादातर सीनियर फैकल्टी ही थी.
मिला बड़ा झटका
कुछ दिन पहले आयोग से दो प्रोफेसरों का चयन हुआ, जिनकी नियुक्ति जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में हुई, लेकिन इन ट्रांसफर्स से फैकल्टी का सारा गणित गड़बड़ा गया है. यूजी सीटें 250 बढ़वाने के प्रयासों में लगे जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन को यह बड़ा झटका है, क्योंकि इससे मौजूदा यूजी सीटें ही कम होने का खतरा पैदा हो गया है.
ऐसा बताया प्रोफेसर ने
इस क्रम में मेडिकल कॉलेज के प्रो. नवनीत कुमार कहते हैं कि कॉलेज में फैकल्टी की कमी को पूरा करने के लिए संविदा पर कई पद भरे गए हैं. साथ ही दो प्रोफेसर अभी आयोग से भी चयनित होकर आए हैं. ट्रांसफर से फैकल्टी कम हुई है. इसकी जानकारी शासन को है.
Published on:
21 Sept 2018 03:05 pm
बड़ी खबरें
View Allकानपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
