
ऑप्टिक्स का इस्तेेमाल करके बनेगी नई मोबाइल डिवाइस
कानपुर। ऑप्टिक्स के नाम से तो सभी वाकिफ़ होंगे. इसको लेकर शहर में एक नई कवायद शुरू हो गई है. ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि अभी इस क्षेत्र में बहुत कुछ करना बाकी है. इसका इस्तेमाल अब शुरू हुआ है. इस क्रम में ये भी बताया गया है कि अभी डिफेंस के क्षेत्र में इसका बेहतर प्रयोग किया जा सकता है. क्या है आगे की जानकारी, आइए बताएं.
तेजी के साथ बढ़ रहा है प्रयोग
प्राप्त जानकारी के अनुसार स्मार्टफोन की डिवाइस बनाने में इसका प्रयोग तेजी के साथ किया जा रहा है. डाटा कलेक्शन में भी इसका बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है. हाईटेक डिफेंस में इसका इस्तेमाल ज्यादा अच्छी तरह से किया जा सकता है. रिसर्च की फील्ड में भी एक्सपर्ट ने इसका प्रयोग शुरू कर दिया है. ऐसा अनुमान लगाया गया है कि इसके प्रयोग से रिसर्च में और ज्यादा सुधार किया जा सकेगा.
ऐसी मिली है जानकारी
यह विचार आईआईटी में आयोजित ऑप्टिक्स टॉपिक की इंटरनेशनल सेमिनार में आईआरडीई देहरादून के डायरेक्टर प्रो. बेंजामिन लॉयनल ने व्यक्त किए. बेंजामिन लॉयनल ने बताया कि इंस्टूमेंट्स रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट स्टेब्लिशमेंट(आईआरडीई) देहरादून में ऑप्टिक्स पर तेजी से रिसर्च वर्क शुरू कर दिया गया है. डिफ्रेंट फील्ड में इस मटीरियल का ट्रायल किया जा रहा है. ऑप्टिक्स का प्रयोग सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बहुत ज्यादा किया जा रहा है. यही नहीं हाईटेक डिफेंस की फील्ड में भी यह मैटीरियल काफी उपयोगी साबित हो रहा है.
ऐसा बताया आईएफएम के डायरेक्टर ने
आईएफएम के डायरेक्टर प्रो. स्टीफेन इनॉक ने कहा कि 20वीं सदी इलेक्ट्रॉन की थी और यह सदी फोटान की होगी. फोटोनिक्स की फील्ड में रिसर्च की अपार संभावनाएं हैं. फोटोनिक्स के क्षेत्र में इंडिया के साथ मिलकर काम करने की मेरी दिली इच्छा है. सिंपोजियम में ऑप्टिकल सोसाइटी इंडिया के प्रो अनुराग शर्मा, प्रो के मुरलीधर, आयोजन समिति के प्रो अनंथ रामकृष्णा, प्रो. जे रामकुमार मौजूद रहे.
Published on:
21 Sep 2018, 2:33 PM IST
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