
‘सरकार’ के निधन पर अखिलेश यादव ने जताया दुख
कानपुर। उन्नाव के डोंडिया खेड़ा में एक हजार टन सोने का खजाना होने का दावा करने वाले संत शोभन सरकार का बुधवार को निधन हो गया। महंत के निधन की खबर जैसे ही भक्तों को हुई तो आश्रृम में जनसैलाब उमड़ पड़ा। लोग गंगा नदी को तैर कर इस पार आए और अपने सरकार के अंतिम दर्शन कर फूट-फूटकर रोए। वहीं राजनीतिक दलों के नेताओं का जमावड़ा भी सुबह से शुरू हो गया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार के निधन पर ट्यूट के जरिए दुख जताया।
राजनीतिक दलों के नेता भी पहुंचे
डौंडिया खेड़ा गांव में सोने के खजाने की भविष्यवाणी करने वाले शोभन सरकार के निधन पर उनके भक्तों का सुबह से आश्रृम में तांता लगा रहा। राजनीतिक दलों के बड़े-बड़े नेता संत के पार्थिक शरीर के दर्शन के लिए पहुंचे। पूर्व मुंख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकार के निधन पर शोक व्यक्त कर उन्हें महान संत बताया। ट्यूट के जरिए सपा प्रमुख ने उन्हें श्रृद्धांजलि दी। वहीं आर्यनगर से सपा विधायक अमिताभ्ज्ञ बाजपेयी ने सरकार के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए बताया कि वह महान संत थे। मानवसेवा के लिए किए गए उनके कार्य लोग कभी नहीं भूल पाएंगे।
बीजेपी के नेताओं ने दी श्रृद्धांजलि
सरकार के निधन पर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने भी शोक व्यकक्त करते हुए श्रृद्धांजलि दी। गोविंद नगर से विधायक सुरेंद्र मैथानी ने बताया कि सरकार ने गरीब, किसान, मजदूर और कन्याओ के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। उन्होंने गरीब कन्याओं की शादियां करवाई। बेरोजगार युवकों के लिए रोजगार के साधन उपलब्ध कराए। वह महंत के साथ-साथ नेकदिल इंसान थे। वहीं भाजपा सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने भी सरकार के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें महान संत बताया।
कौन थे शोभन सरकार
शोभन सरकार का जन्म कानपुर देहात के शुक्लन पुरवा गांव में हुआ था। इन्होंने बीपीएमजी इंटर कॉलेज मंधाना से पढ़ाई की। सरकार के साथ पढ़ाई करने वाले शिवली निवासी टीचर रामकिशोर दीक्षित ने बताया कि शोभन खाली वक्त में गीता और रामचरिमानस का गहन अध्ययन पेड़ के नीचे बैठकर किया करते थे। हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के 10 साल बाद उन्होंने घर छोड़ दिया और वह स्वामी सत्संगानंद के अनुयायी बन गए। सरकार ने कानपुर नगर, देहात, कन्नौज, मैनपुरी, इटावा, फर्रूखाबाद के अलावा बुंदेलखंड के लोगों के उत्थान के लिए बहुत कार्य किए।
खजाने को लेकर सुर्खियों में छाए
फतेहपुर के रीवा नरेश के किले में शिव चबूतरे के पास कई दिनों तक खुदाई चली थी। पूरे देश ही नहीं बल्कि विदेश की मीडिया में भी डोंडिया खेड़ा चर्चा का विषय हो गया है। विदेशों से पत्रकारों की टीमें यहां पहुंची थीं। पूरे देश की मीडिया कई दिनों तक यहां डेरा डाले रही थी और पल-पल की खबर बाहर आ रही थी। डौडिया खेड़ा गांव में उनदिनों कभी रात नहीं हुई। 24 घंटे मजदूर खुदाई का कार्य करते थे और सरकार हरदिन उन्हें नई स्थान के बारे में जानकारी देते थे।
कई दावेदार
खजाने की खोज में हो रही खुदाई के दौरान ही कई दावेदार भी सामने आ गए थे। खजाना मिले बिना ही केंद्र सरकार ने भी घोषणा कर दी थी कि खजाने पर सिर्फ देशवासियों का अधिकार होगा। समाजवादी पार्टी की तत्कालीन सरकार ने खजाने पर राज्य सरकार का हक बताया था। जब कई दिनों तक खुदाई के बाद भी वहां सोना नहीं निकला तो सरकार की जमकर किरकिरी हुई थी।
Published on:
13 May 2020 06:56 pm
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