
फोटो सोर्स- 'X' डीएम )
The woman pleaded with DM for her dog. कानपुर में एक महिला जिलाधिकारी के पास पहुंच गई, जहां उसने भावुक अंदाज में पालतू कुत्ते को वापस करने की मांग की। बोली कुत्ते के बिना उसका जीना मुश्किल हो जाएगा। दरअसल, महिला ने पालतू कुत्ते को डॉग सेंटर में तीन दिनों के लिए रखा था। लेकिन जब वापस लेने गई तो डॉग सेंटर वाले ने देने से इनकार कर दिया। जो 15 दिनों से डॉग सेंटर में है। अपने डॉग के लिए महिला डीएम से फरियाद लगाने पहुंच गई। जिलाधिकारी ने भी उन्हें निराश नहीं किया।
उत्तर प्रदेश के कानपुर के कल्याणपुर की रहने वाली फरहा नाज ने लकवाग्रस्त कुत्ते को 8 महीने पहले गोद लिया था। जिसका नाम उन्होंने मोंटी रखा और उसकी देखभाल करने लगी। फरहा नाज ने बताया कि हमें परिवार के साथ बाहर जाना था। इसलिए बीते 18 दिसंबर को मोंटी को ओपेरा पुलिया के पास स्थित 'डॉग फास्टर सेंटर' में 3 दिन के लिए रखवा दिया था।
बीते 21 दिसंबर को जब वह मोंटी को लेने के लिए 'डॉग फास्टर सेंटर' पहुंची तो केंद्र संचालिका ने मोंटी को देने से इनकार कर दिया। उसे बताया गया कि मोंटी को चोट लगी है और खून निकल रहा है, उसकी हालत ठीक नहीं है। जिसका इलाज चल रहा है। बीते 30 दिसंबर को एक बार फिर मोंटी को लेने के लिए पहुंची तो केंद्र संचालिका ने मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और झूठे आरोप लगाए। फरहा नाज ने बताया कि मोंटी को एसपीसीए से जुड़ी एक महिला को दे दिया गया। जबकि उसके पास भी सारे दस्तावेज है और वह अच्छे डॉक्टर से इलाज करा रही है।
जिलाधिकारी ने फरहा नाज की फरियाद को सुना और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से बातचीत की और निर्देशित किया कि फरहान नाज को तत्काल उसका कुत्ता वापस कर दिया जाए। जिलाधिकारी के आदेश के बाद फरहा नाज को मोंटी मिल गया, जिस पर दोनों खुशी से चहक उठीं और आंखें भी नम हो गईं।
Updated on:
07 Jan 2026 08:56 pm
Published on:
07 Jan 2026 08:54 pm
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