कानपुर देहात देहात के झीझंक ब्लाक के सरदारपुर डेरापुर निवासी सर्वेशा देवी की जो प्रधानमन्त्री द्वारा लिए गए उस एतिहासिक फैसले के तहत नोटबंदी के दौरान कोख में पल रहे बच्चे को बैंक में लगी लाइन के दौरान दिया। जिसके जन्म के बाद मानो सर्वेशा देवी की किस्मत खुल गई हो। जब बच्चे का जन्म बैंक में हुआ तब वह गरीबी की हालत से जूझ रही थी। सर्वेशा देवी की हालत इतनी दयनीय थी कि वह पति के मौत के बाद एक-एक पैसे के लिए परेशान थी। एक पैर से दिव्यांग सर्वेशा के पास न तो रहने के लिए घर था और ना ही उसके पास एक भी पैसा, जिससे वो अपने पांच बच्चों का पालन पोषण कर सके। खजांची की मां को सरकारी योजना से मिली कॉलोनी जिसकी क़िस्त लेने वो बैंक में गई थी, तभी उसको प्रसव पीड़ा हुई और उसने बच्चे को जन्म दिया, उस बच्चे का नाम बैंक के अधिकारियों और वहां पर मौजूद लोगों ने खजांची नाथ रख दिया।