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प्यार में एक और लड़की की गई जान, ब्वायफ्रेंड का मोबाइल देखना पड़ा भारी, हत्या कर सूटकेस में भरा शव

कानपुर में एक प्रेमी ने प्रेमिका की हत्या कर दी। दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। मोबाइल पर दूसरी लड़की से चैट को लेकर दोनों में विवाद हुआ था। इसी के बाद प्रेमी ने प्रेमिका की गला दबाकर हत्या कर दी।

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कानपुर : एक युवती को प्यार करना भारी पड़ गया और उसे अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। युवती की गलती मात्र इतनी थी कि उसने अपने प्रेमी का मोबाइल चेक किया और उसमें दूसरी प्रेमिका की चैट पढ़ ली। इसके बाद दोनों में कहासुनी हुई और प्रेमी ने गला दबाकर गर्लफ्रेंड की हत्या कर दी।

मामला कानपुर के हनुमंत विहार इलाके का है। यहां एक युवती अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ लिव-इन में रहती थी। दोनों की दोस्ती इंस्टाग्राम से हुई थी। युवती का नाम आकांक्षा था। युवती की मां ने बताया कि आकांक्षा अपनी बड़ी बहन प्रतीक्षा के साथ साउथ के बर्रा स्थित एक रेस्टोरेंट में काम करने के साथ पढ़ाई भी करती थी। इसी दौरान युवती की दोस्ती सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम से सूरज नाम के लड़के से हुई थी। दोनों साथ ही एक रेस्टोरेंट में काम करने लगे। काफी समय तक सूरज और आकांक्षा एक साथ काम करते रहे।

सूरज के कहने पर दूसरे रेस्टोरेंट में काम करने लगी आकांक्षा

इसके बाद सूरज के कहने पर आकांक्षा ने बर्रा स्थित रेस्टोरेंट को छोड़ दिया और हमीरपुर रोड पर बने एक रेस्टोरेंट में दोनों काम करने लगे। करीब दो महीने पहले बड़ी बहन को छोड़कर आकांक्षा सूरज के साथ हनुमंत विहार में किराए पर रहने लगी थी।

सूरज की दूसरी गर्लफ्रेंड की पढ़ ली थी चैट

आकांक्षा की हत्या मामले में जब पुलिस ने सूरज को गिरफ्तार किया तो उसने सारा सच उगल दिया। डीसीपी साउथ के मुताबिक, सूरज ने पुलिस को बताया कि उसने आकांक्षा को गला दबाकर मार दिया है। आकांक्षा के अलावा उसकी एक और गर्लफ्रेंड थी। एक दिन आकांक्षा ने दूसरी गर्लफ्रेंड की वॉट्सएप चैट पढ़ ली थी. इसको लेकर दोनों के बीच बहुत झगड़ा हुआ था।

सूरज ने पुलिस को बताया कि उसने आकांक्षा को मनाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी। रोज झगड़ा करती थी। 21 जुलाई की रात 21 जुलाई की रात दोनों में फिर झगड़ा हुआ। इस पर आकांक्षा का उसने गला दबा दिया। सूरज ने इसके बाद फतेहपुर के ही रहने वाले अपने दोस्त आशीष (21) को बुला लिया। आकांक्षा के शव को सूटकेस में भरा और आशीष के साथ बाइक से सूटकेस को ले जाकर उसी रात चिल्ला पुल से यमुना नदी में फेंक दिया।

डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि पूछताछ के लिए सूरज पहले तो पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने उसे बताया कि घटना के दिन आकांक्षा के साथ लोकेशन और मोबाइल में बातचीत है तो उसने हत्या की बात कबूल कर ली।