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बिकरूकांड के दो साल: गोलियों का तड़तड़ाहट से गूंज उठा था आसमान, माफिया और खाकी नेक्सस की बड़ी मिसाल था कांड

Vikas Dubey: बिकरूकांड घटना के दो जुलाई से दो साल पूरे हो गए। ऐसी घटना थी, जिसने प्रदेश ही नहीं देश को भी हिला दिया था। घटना में अब तक क्या हुआ जानिए हर डिटेल...

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Bikru Kand 2 Years Complete Officers Suspended on Vikas Dubey Case

Bikru Kand 2 Years Complete Officers Suspended on Vikas Dubey Case

दो जुलाई को देशभर को दहला देने वाले वाले बिकरू कांड का दो साल पूरा हो गया। आज भी वो दिन लोगों के जहन में जब एक मुकदमे में वांछित गैंगस्टर विकास दुबे को पकडऩे के लिए लाव लश्कर के साथ गांव बिकरू में पहुंची पुलिस पर हमला हुआ था। ताबड़तोड़ सैंकड़ों राउंड गोलियों से आसमान दहल उठा। जब गोलियों की आवाज थमीं तो बिकरू की गलियां पुलिस वालों की खून से सनी थीं। तत्कालीन सीओ बिल्हौर समेत आठ पुलिसकर्मी मारे गए थे, सात अन्य घायल हो गए थे। दो साल बाद जानिए क्या स्थिति है।

कब क्या हुआ 2/3 जुलाई 2020 की रात को

2 जुलाई बिकरू गांव में विकास दुबे और उसके गुर्गों ने पुलिस पार्टी को घेरकर गोली बारी की जिसमें सीओ देवेन्द्र मिश्रा समेत आठ पुलिस कर्मियों की मौत हो गई

3 जुलाई 2020- पुलिस ने आरोपित प्रेम प्रकाश पाण्डेय और अतुल दुबे को एनकाउंटर में मार गिराया

8 जुलाई 2020- हमीरपुर में एसटीएफ ने अमर दुबे को एनकाउंटर में मार गिराया

9 जुलाई 2020- पनकी में आरोपित प्रभात मिश्रा को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। वहीं इटावा में पुलिस ने प्रवीण दुबे को एनकाउंटर में ढेर किया

10 जुलाई 2020- सचेंडी में एसटीएफ और पुलिस की मुठभेड़ में कुख्यात विकास दुबे मारा गया

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क्या कार्रवाई की पुलिस ने

विकास दुबे का साथ देने और घटना में शामिल होने के मामले में पुलिस ने 42 लोगों को जेल भेजा

- विकास दुबे की मौत के बाद उसके गिरोह का एक नया गैंग बना जिसका नम्बर डी 179 है और हीरू दुबे को नया गैंग लीडर बनाया गया

- विकास दुबे के साथी जय बाजपेई की सम्पत्तियां सील की गई

- विकास दुबे का बिकरू स्थित कोठी वाहनों को पुलिस के सामने गांव वालों ने क्षतिग्रस्त कर दिया

- घटना के बाद पुलिस की तरफ से 28 शस्त्र लाइसेंस को निरस्त कराया गया

- तीन आरोपित बल्लू मुस्लमान, रमेश चन्द्र और शिवम दुबे के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की गई

पुलिस पर क्या कार्रवाई हुई

- पूर्व एसओ चौबेपुर विनय तिवारी और दरोगा केके शर्मा को जेल भेजा गया

- 6 पुलिस कर्मियों को बड़ा दंड, 8 को लघु दंड और 18 पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई

- पूर्व डीआईजी अनंत देव तिवारी को निलम्बित कर उन्हें विभागीय कार्रवाई में दोषी माना गया

- 32 पुलिस कर्मियों के कैरेक्टर रोल में बेड एंट्री की गई

- 11 सीओ को प्रकरण में दोषी माना गया, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई जारी है। इसमें से 3 को रिटायर हुए तीन साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है