
कानपुर. शहर से पंद्रह किमी की दूरी पर स्थित बिठूर धार्मिक, आर्थिक और क्रांतिकारियों की रणभूमि रही। यहीं से अंग्रेजों के खिलाफ नानाराव पेशवा ने आजादी का बिगुल फूंका था, जो पूरे देश में आग की तरह फैल गया। उसी इतिहास को फिर से दोहराने के लिए गंगा के किनारे बसा कस्बा अपना 25 वां बिठूर महोत्सव के लिए सज धज रहा है। यहां प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को खास तौर पर बुलाया गया है। जो गंगा आरती के बाद क्रांतिकारी के गढ़ से 1857 की गदर के साथ ही धार्मिक इतिहास की पहचान लोगों तक पहुंचाएंगा।
महोत्सव 20 से लेकर 24 दिसंबर तक चलेगा और इसमें कई नामचीन बॉलीबुड के गायक, कलाकार भाग लेंगे। महोत्सव के सचिव नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि हमने जिला प्रशासन से कहा है कि बिठूर महोत्सव को राष्ट्रीय कैलेंडर में लाने के लिए भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय में तत्काल प्रस्ताव भिजवाएं। साथ ही साज-सज्जा, लाइटिंग, पेंटिंग कर कार्य समय से कराने का आदेश दिए गए हैं। हालांकि अभी सीएम के आने का प्रोटोकॉल नहीं आया।
बिसमिल्ला की शहनाई से थिरक पड़ी थीं गंगा
बिठूर महोत्सव की शुरूआत 1992 में हुई थी। यहां के लोगों ने देश के प्रसिद्ध शहनाई वादक बिसमिल्ला को आंमत्रण देकर बुलाया था। बिसमिल्ला ने गंगा के किनारे शहनाई की जो धुन बजाई, उससे गंगा भी हिलोरे लेने लगी। इसके बाद 1994 से लेकर 2010 तक बिठूर महोत्सव हर साल होता रहा। 2011 से 2016 तक बिठूर महोत्सव नहीं मनाया गया। सीएम योगी आदित्यनाथ के सत्ता संभालते ही उन्होंने कानपुर की सभा में इसे फिर से शुरू करने का ऐलान कर दिया। बिठूर निवासी राजेंद्र सिंह बताते हैं कि सर्दी चरम पर थी, लेकिन जैसे ही बिसमिल्ला की शहनाई बजी, महफिल में वैसे ही गर्मी अपने आप आ गई। राजेंद्र बताते हैं कि बिठूर महोत्सव में अनुराधा पौड़वाल, शेखर सेन, कबीर सेन, मिनाक्षी शोसाद्री, अमजद अली खान, महेंद्र कपूर, अनूप जलोटा, अहमद हुसैन, रघुनाथ सेठ कई नामचीन हस्तियां शिरकत कर चुकी हैं।
पांच दिन तक चलेगा महोत्सव
ऐतिहासिक बिठूर महोत्सव की शुरुआत 20 दिसंबर से होगी। यह 24 दिसंबर तक चलेगा। इसकी थीम 1857 की क्रांति, शौर्य एवं गंगा संस्कृति होगी। महोत्सव का शुभारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शहर आ सकते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा को अमली जामा पहनाते हुए कानपुर जिला प्रशासन ने बिठूर महोत्सव की रूपरेखा तैयार कर ली है। पांच दिवसीय महोत्सव में होने वाले कार्यक्रमों का निर्धारण किया।इस महोत्सव की थीम 1857 की क्रांति, शौर्य व गंगा तटीय संस्कृति होगी। विविध प्रांतों के कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करेंगे। पांच दिवसीय महोत्सव में लोक संस्कृति से जुड़ी नृत्य नाटिका, शिल्प हाट, कृषि प्रदर्शनी, विंटेज कार रैली एवं फूड मेला का भी आयोजन होगा। बिठूर महोत्सव में केंद्रीय मंत्री उमा भारती , दो डिप्टी सीएम के साथ अन्य गणमान्य हस्तियों की आने की उम्मीद है।
पांच दिन तक होंगे ये कार्यक्रम
बिठूर के नानाराव स्मारक प्रांगण में 20 से 24 दिसंबर तक विकास प्रदर्शनी, 1857 क्रांति की यात्रा प्रदर्शनी, शिल्प हाट-मेला व प्रतिदिन गंगा आरती होगी। 20 दिसंबर को नानाराव स्मारक प्रांगण में मुंबई से आए शेखर सेन संगीतमय एकल नाट्य प्रस्तुति देंगे। 21 दिसंबर को उत्तर मध्य सांस्कृतिक केंद्र, इलाहाबाद की ओर से नानाराव पार्क, बिठूर में लोककला गतका (पंजाब की मार्शल आर्ट्स) का प्रदर्शन होगा। इसके बाद मशहूर पार्श्व गायिका अनुराधा पोडवाल की ओर से भजन संध्या आयोजित होगी। 22 दिसंबर को स्वराज संस्थान, भोपाल द्वारा नानाराव पार्क , बिठूर में क्रांतिकारियों पर आधारित नाटक वीर वीरांगना प्रस्तुत किया जाएगा। नानाराव पार्क में 23 दिसंबर को सांस्कृतिक केंद्र, इलाहाबाद की ओर से गोटीपुआ (उड़ीसा की मार्शल आर्ट्स) की प्रस्तुति होगी। इसके बाद हरिहरन व अन्य कलाकार गीत-संगीत की प्रस्तुति देंगे। नानाराव पार्क में 24 दिसंबर को सांस्कृतिक केंद्र की ओर से लोककला पाई-डंडा (उत्तर प्रदेश) और इसके बाद तबला एवं ड्रम की जुगलबंदी की प्रस्तुति होगी।
Published on:
14 Dec 2017 10:31 am
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