बिठूर के बाल्मीकि आश्रम की दुर्दशा को देखकर एससी एसटी आयोग की सदस्‍या डॉ. स्वराज विद्वान हैरान रह गईं. उन्होंने कहा कि जिस आश्रम में भगवान राम के बच्चों को शरण मिली थी, उसकी यह दुर्दशा देखी नहीं जाती है.
कानपुर। बिठूर के बाल्मीकि आश्रम की दुर्दशा को देखकर एससी एसटी आयोग की सदस्या डॉ. स्वराज विद्वान हैरान रह गईं. उन्होंने कहा कि जिस आश्रम में भगवान राम के बच्चों को शरण मिली थी, उसकी यह दुर्दशा देखी नहीं जाती है. उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि बाल्मीकि जैसे मनीषी के आश्रम के मामले पर दिल्ली में बैठे पुरातत्व विभाग के आला अधिकारियों को तलब करके जानकारी हासिल करूंगी. क्या ऐतिहासिक धरोहरों को ऐसे ही संरक्षित किया जाता है. बता दें कि आयोग की मेंबर आईआईटी में आयोजित फेडरेशन के 24वें राष्ट्रीय सम्मेलन में शिरकत करने पहुंची थीं.
ऐसी मिली है जानकारी
आईआईटी में एससी एसटी अम्बेडकर फेडरेशन कमेटी के खस्ताहाल रूम को सही कराने व अम्बेडकर प्रतिमा लगाने की मांग को लेकर बुधवार की सुबह आईआईटी डायरेक्टर प्रो. अभय करंदीकर से आयोग की मेंबर डॉ. स्वराज विद्वान की बैठक हुई. डायरेक्टर ने कहा कि वह जल्द ही कमेटी को अच्छा कमरा व फर्नीचर उपलब्ध कराएंगे. कांफ्रेंस रूम में अम्बेडकर का चित्र भी लगाएंगे.
दिलाया न्याय का भरोसा
आईआईटी के दलित प्रोफेसर के मामले पर जब आयोग के मेंबर से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मामले पर डायरेक्टर से बात हुई है. उन्होंने भरोसा दिया है कि अन्याय नहीं होगा. उन्होंने कहा कि मामला कोर्ट में पेंडिंग है इसलिए अभी कुछ कहना उचित नहीं होगा. उन्होंने कहा कि आईआईटी के कमजोर छात्रों को निकालने के बजाय उनको एक्स्ट्रा क्लास देकर पढ़ाया जाए. यह कदम सभी आईआईटी को उठाना चाहिए.
ऐसे हैं 303 मामले
कानपुर में एससी एसटी के मामले पर कहा कि यहां के प्रशासनिक अधिकारी जागरूक हैं. सभी पीड़ितों को मुआवजा दिया जा चुका है जो कि अच्छी पहल है. यहां पर दलितों से जुड़े 303 मामले दर्ज हुए हैं, जिसमें 13 हत्या के मामले शामिल हैं. करीब 42 मामले रेप के हैं जो कि चिंता का विषय है.