10 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

सीएम ने रोका अखिलेश के घर का विकास, पेड़ के नीचे लग रही बच्चों की क्लास

अखिलेश सरकार जाते ही मुलायम के गढ़ से अफसरों की नजर हटी, सियासत की मार नौनिहालों को उठानी पड़ रही

3 min read
Google source verification
bjp leader took possession on the ground student studying in open area

सीएम ने रोका अखिलेश के घर का विकास, पेड़ के नीचे लग रही बच्चों की क्लास

कानपुर। मुलायम सिंह से लेकर अखिलेश ने अपने गढ़ इटावा, कन्नौज, मैनपुर और औरैया जिलों में जमकर पैसा बहाया और अन्य जिलों के मुकाबले उनका विकास कराया। सैफई को मिनी राजधानी में बदला तो पत्नी डिंपल यादव के संसदीय क्षेत्र कन्नौज में कई सौगातें दीं। पर योगी सरकार आने के बाद अब हालात यहां के बदल गए हैं। जुलाई की पहली तारीख से स्कूल खुल गए हैं और बच्चे कॉपी-किताब लेकर शिक्षा के मंदिर में जाने लगे हैं। लेकिन सैफई ग्राम पंचायत से सटे आधा दर्जन गांवों में स्कूल जर्जर हैं और बरसात होने पर पानी टपकने लगता है तो कुछ जगह ऐसे सरकारी स्कूल हैं, जहां बच्चों को जाने के लिए रास्ता ही नहीं है। वह पकदंडी के सहारे वहां पहुंचने की कोशिश करने के दौरान गिरकर घायल हो रहे हैं। इसी के कारण स्कूल के टीचरों ने बच्चों की पाठशाला पेड़ के नीचे लगा दी है।
सत्ता जाते ही बदली तस्वीर
जब तक यादव परिवार के हाथों में सत्ता रही तो इटावा, कन्नौज, मैनपुरी, अरौया व फर्रूखाबाद जिलों में विकास कर बयार बही। मुलायम सिंह यादव से लेकर अखिलेश ने इन जिलों में जमकर विकास कराया, लेकिन योगी सरकार आने के बाद अब इन जिलों में विकास की रफ्तार में ब्रेक लग चुकी हैं। सर्वशिक्षा अभियान के तहत करोड़ों रूपए सरकारी स्कूलों के दुरूस्तीकरण के नाम पर आवंटित किए गए, पर आज भी ऐसे सैकड़ों स्कूल हैं, जो पूरी तरह से जर्जर हैं और वहां बच्चे जान-जोखिम में डाल कर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं तो वहीं टीचर अनहोनी के चलते बच्चों को बेड़ के नीचे क्लास लगा कर उन्हें पढ़ा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सैफई से सटे गांव विकास खंड चकरनगर की ग्राम पंचायत खिरीटी के मजरा ककरैया का है, यहां बच्चे इमारत की बजाए पेड़ के नीचे एबीसीडी सीख रहे हैं।
भाजपा नेता ने किया कब्जा
ग्राम पंचायत खिरीटी के मजरा ककरैया गांव में पूर्व सीएम मुलायम सिंह ने स्कूल की नींव रखी थी। यह स्कूल 30 साल पुराना है और करीब सौ से ज्यादा बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। लेकिन स्थानीय भाजपा नेता ने स्कूल जाने के रास्ते में कब्जा कर वहां घर बनवा लिया। स्कूल जाने की जगह नहीं होने के चलते बच्चे पगदंडी के सहारे स्कूल जाने लगे। इसी दौरान कुछ बच्चे गिरकर चुटहिल हो गए। गांववालों ने स्कूल के टीचरों से शिकायत कर स्कूल जाने के लिए रास्ता मुहैया कराए जाने की मांग की, लेकिन दबंग भाजपा नेता के चलते वह कुछ नहीं कर पाए। जिससे गुस्साए ग्रामीण एसडीएम के पास जाकर फरियाद लगाई, पर वहां भी सुनवाई नहीं हुई।
भईया रूकी विकास की रफ्तार
गांव के रामचन्द्र ने बताया कि एक साल पहले एक फोन पर डीएम व एसडीएम भाग कर गांव पहुंचते थे। स्कूल में हर जरूरत के साजो समान मौजूद थे। यह स्कूल कान्वेंट की तरह था और बच्चों को बेहतर शिक्षा दी जाती थी। लेकिन योगी सरकार आने के बाद यहां अब कोई भी सरकारी बाबू झांकने तक नहीं आता। शिकायत करने पर उल्टा डांट-डपक कर भगा दिया जाता है। रामचंउ्र ने बताया कि हमने एसडीएम चकरनगर बृजपाल सिंह से जाकर लिखित में शिकायत की। मोबाइल से खीचे फोटो उन्हें दिखाए और भाजपा नेता के कब्जे से बच्चों के लिए रास्ता दिलाए जाने की मांग की। पर उन्होंने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन देकर टरका दिया। एक सप्ताह हो गए पर एक भी अधिकारी गांव नहीं आया। वहीं भाजपा नेता ने धमकी दी है कि अगर मुंह नहीं बंद किया तो तुम सभी को जेल भिजवा दूंगा।
टीचरों ने कहा हमारी मजबूरी
वहीं स्कूल की टीचरों का कहना है कि हम बच्चों की जान जोखिम में डालकर स्कूल के अंदर नहीं ले जा सकते। रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाने से बच्चों को पकदंडी के जरिए पहले दे दिन ले जाया गया। जहां कई बच्चे गिर गए और उन्हें चोट लग गई। गांववालों से बात कर हमने एक पेड़ के नीचे क्लास शुरू कर दी है। अगर प्रशासन रास्ता मुहैया कराता है तो ही स्कूल के अंदर बच्चों को पढ़ाया जाएगा। सहायक अध्यापक पंकज तिवारी ने बताया कि हमार तरफ से शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पूरे प्रकरण की जानकारी दे दी गई है। अब उन्हें ही आकर बच्चों के लिए रास्ता मुहैया कराना होगा। वहीं गांववालों का कहना है कि अगर रास्ता नहीं मिला तो हम पूर्व सीएम अखिलेश यादव से मिलेंगे और अपना दुखड़ा सुना मदद की गुहार लगाएंगे। वहीं मामले पर एजडीएम बृजपाल सिंह ने कहा कि गांववालों ने शिकायत की है। जिसकी जांच के लिए बीडीओ को कहा गया है। जल्द ही बच्चों को रास्ता मुहैया करा दिया जाएगा।