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सपा -बसपा और कांग्रेस से ज्यादा बीजेपी विधायक पर दर्ज हैं मुकदमे

प्रयागराज के बजाए ट्रांसफर होकर कानपुर पहुंचे 21 जनप्रतिनिधियों के मुकमदे, अब सप्ताह में 1 दिन होगी सुनवाई।

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सपा -बसपा और कांग्रेस से ज्यादा बीजेपी विधायक पर दर्ज हैं मुकदमे

सपा -बसपा और कांग्रेस से ज्यादा बीजेपी विधायक पर दर्ज हैं मुकदमे

कानपुर। प्रयागराज हाईकोर्ट से ट्रांसफर होकर कानपुर कोर्ट आए 21 जनप्रतिनिधियों के खिलाफ न्यायालय ने वारंट जारी कर एसएसपी से सभी को पेश करने का आदेश दिया था। इसी के बाद से जनता के प्रतिनिधियों की कुंडली खुली। जिसमें बिठूर से भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा पर 5, सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी पर दाक, विधायक इरफान सोलंकी पर एक, पूर्व सांसद राकेश सचान पर पांच मुकदमे, पूर्व विधायक अशोक सिंह चंदेल तीन और पूर्व एमएलसी लाल सिंह तोमर दो मुकदमे दर्ज हैं।

कानपुर कोर्ट में होगी सुनवाई
जनप्रतिनिधियों के मुकदमों का त्वरित निस्तारण हो इसके लिए प्रदेश भर से उनके मुकदमों को प्रयागराज स्थानांतरित किया गया था। वहां मुकदमों की संख्या बढने से सुनवाई प्रभावित होने लगी, जिसके चलते जनप्रतिनिधियों के मुकदमे उनके जिलों में स्थानांतरित कर दिए गए। कानपुर जनपद में भी ऐसे 21 मुकदमे हैं, जिनमें जनप्रतिनिधि प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से आरोपित हैं। इन मुकदमों की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश बालकृष्ण एन रंजन के न्यायालय में चल रही है। न्यायधीश ने इन सभी के खिलाफ वारंट जारी कर कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए थे।

मारपीट पर जमानत
अधिवक्ता राहुल भट्ट ने बताया कि विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने बिठूर थाने से वर्ष 2009 में दर्ज साधारण मारपीट के एक मामले में जमानत कराई है, जबकि चार अन्य मामलों में वारंट रिकॉल कराया। जल्द ही कोर्ट में आकर जमानत करवाएंगे। वहीं पूर्व सांसद राकेश सचान के अधिवक्ता अविनाश कटियार ने बताया कि बुधवार तक वह कोर्ट में वारंट रिकॉल का प्रार्थना पत्र देंगे। वहीं अन्य जनप्रतिनिधि भी मंगलवार को कोर्ट जाकर अपने-अपने अधिवक्ताओं से मिले और आगे की कार्यवाही के लिए मंथन किया।

सप्ताह में एक दिन होगी सुनवाई
डीजीसी क्रिमिनल दिलीप कुमार अवस्थी के मुताबिक अलग अलग तारीखों पर पडने वाले जनप्रतिनिधियों के मुकदमे से न्यायालय में अन्य मामले भी प्रभावित होते हैैं। इससे बचने के लिए जिला शासकीय अधिवक्ता इस संबंध में जिलाधिकारी और न्यायालय को पत्र देंगे। इसमें जनप्रतिनिधियों के मुकदमे सप्ताह में एक दिन सुनने और सुनवाई के लिए एक सहायक शासकीय अधिवक्ता को लगाने की व्यवस्था की जाएगी। बताया कि बुधवार या शनिवार को सुनवाई का दिन तय किया जाएगा।