
भाजपा की प्रचंड जीत, खूब झूमे कानपुर के भाजपाई
कानपुर. जीत से चेहरा खिलना लाजिमी है। देश के तमाम हिस्सों में भाजपा के खिलाफ महागठबंधन की सुगबुगाहट और सहयोगी दलों की नाराजगी के बीच भाजपा को अपने दम पर मिली प्रचंड जीत ने मिशन 2019 के लिए बड़ा हौसला दिया है। महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन के सियासी घमासान के बीच महाराष्ट्र की दो महानगरपालिकाओं में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी जीत का डंका बजा दिया है। सांगली में उसने कांग्रेस-राकांपा गठबंधन को पराभूत किया है, तो जलगांव में सरकार में रहते हुुुए भी लगातार उसका विरोध करती आ रही शिवसेना को। इस जीत के बाद यूपी भाजपा में भी जश्न का माहौल है। कानपुर में भाजपा के नवीन मार्केट कार्यालय में भाजपाइयों ने खुशियां बांटी और एक-दूसरे का मुंह मीठा किया। भाजपा शहर अध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी का कहना है कि इस जीत से तय हो गया है कि भाजपा की स्वीकार्यता कम नहीं हुई है। सहयोगी दलों को नाराजगी खत्म करते हुए अपने फैसलों पर पुनर्विचार करना चाहिए।
कांग्रेस के किले में भाजपा ने लगाई जबरदस्त सेंध
मराठा वर्चस्व का गढ़ समझी जाने वाली पश्चिम महाराष्ट्र की सांगली महानगरपालिका में शुरुआत सेे ही कांग्रेस का शासन रहा है। पिछले कार्यकाल में यहां कांग्रेस-राकांपा की मिलीजुली सत्ता रही है। इस बार 78 सीटों वाली महापालिका के लिए हुए चुनाव में भाजपा अब तक 30 सीटें जीतकर सबसे आगे चल रही है। कांग्रेस को अब तक आठ और राकांपा को 11 सीटें ही मिली हैं। उम्मीद है कि भाजपा अपने दम पर ही यहां अपनी सत्ता कायम करने में कामयाब हो जाएगी। सांगली- मिरज- कुपवाड महानगर पालिका चुनाव में करीब 57 प्रतिशत मतदान हुआ था। इन चुनावों में विपक्षी दल कांग्रेस और एनसीपी ने गठबंधन किया था. जबकि सत्तारूढ़ बीजेपी और शिवसेना अलग-अलग चुनाव लड़े थे।
जलगांव महानगरपालिका में दो तिहाई बहुमत की ओर
जलगांव महानगर पालिका चुनाव की मतगणना भी जारी है। जलगांव महानगर पालिका की 75 सीटों पर मतदान हुए हैं। अभी तक आए नतीजों के लिहाज से देखें तो जलगांव में 57 सीटों पर भाजपा आगे चल रही है। जबकि शिवसेना 14 सीटों पर आगे चल रही है। पिछले कार्यकाल में यहां शिवसेना की स्थानीय गठबंधन के साथ मिलकर सत्ता थी। अब इस चुनाव में हार शिवसेना के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है।
Published on:
03 Aug 2018 07:40 pm
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