
कानपुर. बैंकों का 800 करोड़ लोन नहीं चुकाने के मामले में शहर के उद्योगपति विक्रम कोठारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। 'किंग ऑफ पेन' नाम से मशहूर रोटोमैक कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी के खिलाफ सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केस दर्ज कर हिरासत में ले लिया है। सीबीआई और ईडी की संयुक्त टीम ने कानपुर के तिलकनगर स्थित विक्रम कोठारी के आवास पर सोमवार सुबह छापेमारी की। टीम ने तिलकनगर स्थित घर में विक्रम कोठारी को हिरासत में ले लिया। सीबीआई और ईडी की टीम ने जरूरी एक-एक कागज को कब्जे में लेकर जांच कर रही है।
पांच सदस्यीय सीबीआई और ईडी की संयुक्त टीम ने कोठारी परिवार के सभी सदस्यों के पासपोर्ट और मोबाइल कब्जे में ले लिये। उनके लैपटॉप, आईफोन और आईपैड भी लेकर जांच की जा रही है। चल-अचल संपत्ति की जांच भी की जा रही है। टीम ने विक्रम कोठारी के घर के अलावा बिठूर स्थित फार्महाउस और सिटी सेंटर स्थित कार्यालय पर छापेमारी की। इसके अलावा घर के सभी कीमती सामान और संपत्तियों का मूल्यांकन किया जा रहा है।
इन पर दर्ज हुये केस
बैंक ऑफ बड़ोदा की शिकायत पर सीबीआई ने रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड, मालिक विक्रम कोठारी, उनकी पत्नी साधना कोठारी, राहुल कोठारी और अज्ञात बैंक अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। ईडी ने विक्रम कोठारी पर पीएमएलए (Prevention of Money Laundering Act) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि विक्रम कोठारी ने कई राष्ट्रीयकृत बैंकों से लोन लिया था। इसके बाद उन्होंने न तो मूलधन चुकाया और न ही ब्याज दिया।
बैंक अधिकारियों ने साधी चुप्पी
अनियमित तरीके से विक्रम कोठारी को लोन देने के मामले में स्थानीय बैंक अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। विक्रम कोठारी पर जिन बैंकों का लोन है, उनमें बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन ओवरसीज बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक और यूनियन बैंक शामिल हैं। इन बैंकों से विक्रम कोठारी ने करीब 5000 करोड़ रुपये का लोन ले रखा है।
कहा- नहीं था फरार, चुकाउंगा लोन
पिछले एक हफ्ते से विक्रम कोठारी के देश छोड़कर भाग जाने की खबरें छाई हुई थीं। रविवार को विक्रम कोठारी ने बयान जारी करते हुए कहा था कि वह कानपुर में ही हैं, बिना लोन चुकाये कहीं नहीं जाएंगे। उनका मामला एनसीएलटी (NCLT- National company law Tribunal) में विचाराधीन है और वह बैंकों से लगातार संपर्क में हैं। विक्रम कोठारी के वकील शरद बिरला ने कहा कि विक्रम कोठारी कहीं फरार नहीं थे, बल्कि सेटलमेंट को लेकर वह बैंकों के संपर्क में थे। गिरफ्तारी पर वकील ने कहा कि मैं अभी इस बात ही पुष्टि नहीं कर सकता कि सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया है या नहीं।
Updated on:
19 Feb 2018 06:26 pm
Published on:
19 Feb 2018 04:53 pm
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