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कोरोना महासंकट के बीच बचा बस 24 घंटे का ऑक्सीजन बैकअप, बेड की किल्ल्त भी ले रही जान

कोरोना (Covid-19) के लगातार बढ़ रहे ग्राफ के चलते अस्पतालों में गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ गई है। वहीं इन सबके बीच बेड और ऑक्सीजन की समस्या से भी लोगों को दो चार होना पड़ रहा है।
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कानपुर

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Karishma Lalwani

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Updated: 17 Apr 2021, 10:25 AM IST

कोरोना महासंकट के बीच बचा बस 24 घंटे का ऑक्सीजन बैकअप, बेड की किल्ल्त भी ले रही जान

कोरोना महासंकट के बीच बचा बस 24 घंटे का ऑक्सीजन बैकअप, बेड की किल्ल्त भी ले रही जान

कानपुर. कोरोना (Covid-19) के लगातार बढ़ रहे ग्राफ के चलते अस्पतालों में गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ गई है। वहीं इन सबके बीच बेड और ऑक्सीजन की समस्या से भी लोगों को दो चार होना पड़ रहा है। कानपुर के ही अस्पताल में ऑक्सीजन का संकट खड़ा हो गया है। सिर्फ 24 घंटे की उपलब्धता वाले सिलेंडर ही रह गए हैं। अभी तक बैकअप जरूरत के हिसाब से तीन दिन का रहता था। मगर अब तक 36 टन ऑक्सीजन विभिन्न कंपनियों की ओर से सप्लाई की गई है।

इन अस्पतालों में खराब स्थिति

कानपुर के कांशीराम अस्पताल में स्थिति खराब है। यह सबसे हाई रिस्क में है। यहां 120 मरीज भर्ती हैं जिसमें 20 आईसीयू में हैं। यहां 50 से अधिक जंबो सिलेंडर लगे हैं। लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट लगाने की कवायद शुरू की गई थी मगर ठंडे बस्ते में चली गई। सीएमएस डॉ. दिनेश सिंह सचान के मुताबिक डिमांड तो बढ़ी है मगर कमी नहीं है। अभी दो दिन का स्टॉक है। उधर, हैलट अस्पताल में सिलेंडर और लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की भरपूर सप्लाई की जा रही है। कंपनियों से कहा है कि दोगुना बैकअप बनाए रखें। वर्तमान समय रोजाना एक टैंकर की सप्लाई हो रही है।

शासन को भेजी जा रही रिपोर्ट

रोजाना सुबह-शाम सप्लाई की रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। ड्रग इंस्पेक्टर संदेश मौर्या ने कहा कि स्थिति पर नजर रखे हैं। सरकारी के साथ ही प्राइवेट कोविड अस्पतालों को प्राथमिकता के आधार पर कंपनियों से सप्लाई चेन मेनटेन रखने को कहा गया है। कोविड अस्पतालों से बढ़ी डिमांड की आपूर्ति भी सुनिश्चित करने को कहा है। लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट के चलते हैलट में आपूर्ति ठीक है। उधर, कुछ प्राइवेट अस्पतालों के पास खुद के ऑक्सीजन जनरेटर सिस्टम लगे हुए हैं। वहां भी मॉनीटरिंग की जा रही है।

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