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सपने में लगा जीजा ने पकड़ा… सच निकला कुछ और! 7 साल बाद साली ने बदला बयान

साल 2019 में दर्ज इस मामले में आरोपी को 19 दिन जेल में भी रहना पड़ा था। सुनवाई के दौरान पीड़िता, उसकी बहन और पिता ने भी माना कि घटना भ्रम की वजह से हुई थी।
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7 साल पुराने केस में एयरफोर्स कर्मी को मिली राहत

7 साल पुराने केस में एयरफोर्स कर्मी को मिली राहत

Kanpur News: एक पुराने मामले में कानपुर के पास एक एयरफोर्स कर्मी को सात साल बाद कोर्ट ने निर्दोष घोषित कर दिया है। यह मामला नाबालिग साली से छेड़छाड़ का था, लेकिन पीड़िता ने खुद कोर्ट में कहा कि यह सब सपने में हुआ था। इसी बयान के आधार पर स्पेशल जज ने आरोपी को बरी कर दिया।

शादी के कुछ दिन बाद शुरू हुआ विवाद

साल 2019 में 10 फरवरी को बिठूर थाना क्षेत्र के एक एयरफोर्स कर्मी की शादी बिधनू की एक लड़की से हुई। शादी के तीन दिन बाद 13 फरवरी को वह अपनी पत्नी को लेने ससुराल गया। उस समय उसकी 15 साल की साली भी उसके साथ आई। 8 मार्च 2019 की रात करीब 9 बजे घर में अचानक 15 साल की लड़की जोर-जोर से चिल्लाने लगी। उसकी बड़ी बहन (यानी पत्नी) दौड़कर आई तो किशोरी ने रोते हुए कहा कि जीजा ने उसके साथ छेड़छाड़ की है। बहन ने तुरंत पुलिस को बुला लिया।

पुलिस में शिकायत और गिरफ्तारी

लड़की के पिता ने नौबस्ता थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने एयरफोर्स कर्मी के खिलाफ मामला दर्ज किया। शुरू में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और उसे 19 दिन जेल में रहना पड़ा। कुछ समय बाद वह जमानत पर बाहर आ गया।

कोर्ट में पीड़िता का नया बयान

मामले की सुनवाई सालों तक चली। साल 2021 में पीड़िता (साली) ने कोर्ट में बयान दिया। उसने कहा कि उस रात वह एंटीबायोटिक दवा खाकर सो रही थी। सपने में उसे लगा कि जीजा ने उसे पकड़ लिया है। डर के मारे वह चिल्लाई और शोर मचा दिया। उसने साफ कहा कि यह सब सपना था, सच में जीजा ने कुछ नहीं किया। मुझे भ्रम हो गया था। कोर्ट में उसकी बड़ी बहन और पिता ने भी माना कि यह भ्रम की वजह से मुकदमा दर्ज हुआ था।

वकील ने बताया पूरी कहानी

पीड़िता के पक्ष में वरिष्ठ वकील करीम अहमद सिद्दीकी ने कोर्ट में तर्क दिए। उन्होंने पीड़िता के बयान को मुख्य आधार बनाया। कोर्ट ने सभी सबूतों और बयानों की जांच के बाद आरोपी एयरफोर्स कर्मी को बरी कर दिया। यह फैसला सात साल बाद आया है। आरोपी पर लगे गंभीर आरोप साबित नहीं हुए। अब वह निर्दोष साबित हो चुका है।