
अखिलेश के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को लग रही चपत, योगी के अफसरों को नही कोई चिंता
कानपुर देहात-जिले के झींझक नगर से गुजरी सिकन्दरा रसूलाबाद मुख्य मार्ग का निर्माण पूर्व की सपा सरकार में शुरू हुआ था, जो सरकार बदलने के बाद तक चलता रहा। करीब दो साल में बनकर तैयार हुई सड़क बनने के महज 6 माह बाद ही उखड़ने की कगार पर आ गयी। बता दें कि यह सड़क विदेशी नीदरलैंड तकनीक से बनाई गई थी, जो कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ड्रीम प्रोजेक्ट में सम्मिलित थी। दरअसल झींझक क्षेत्र लोकसभा कन्नौज के दायरे में आता है और वहां से सांसद अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव हैं।
काबा इंफ्राटेक थी कार्यदायी संस्था
अक्टूबर 2016 में सपा के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलपुर से रसूलाबाद तक 20 किलोमीटर की सड़क निर्माण की जिम्मेदारी दिल्ली की काबा इंफ्राटेक कंपनी को दी थी। खास बात ये थी कि इसमें नीदरलैंड की जियोक्रीट तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। सड़क निर्माण से कन्नौज लोकसभा क्षेत्र के रसूलाबाद विधान सभा में पड़ने वाले सैकड़ों गांवों के लोगों को सहूलियत मिलनी थी। मई 2018 में किसी तरह काम पूरा हो सका। विदेशी तकनीकी की प्रदेश में ये पहली सड़क थी। बारिश का पानी सड़क पर आने व लगातार ओवरलोड ट्रकों के आवागमन से मंगलपुर, सुरासी, मुड़ेरा, झींझक समेत कई स्थानों पर सड़क टूट गयी है। बड़े-बड़े गड्डे हो गये हैं। इस कारण लोगों को आवागमन में भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
इस विधि से बनाई गयी थी विदेशी तकनीकी सड़क
बताया गया कि इस तकनीक के अंतर्गत सबसे पहले ग्रेडर द्वारा सड़क की खुदाई करते हुये उस मिट्टी को मिक्स किया जाता है। इसके बाद स्प्रेडर द्वारा उसमें सीमेंट का मिश्रण किया जाता है। फिर हमरोलर से उसके ऊपर चलाकर उसे बराबर किया जाता है। इसके बाद जियो क्रीट द्वारा डब्ल्यूएमएम की पर्त बनायी जाती है, जो इस तकनीक के अंतर्गत आता है। इस सड़क के निरीक्षण के लिये विदेशी अफसरों का दौरा भी कई बार हो चुका है। सड़क निर्माण कराने वाली कंपनी के उप प्रोजेक्ट मैनेजर राकेश प्रताप ने बताया कि बारिश में सड़क पर जलभराव होने व ओवरलोड वाहनों के कारण ऊपरी परत निकलने से कई जगह गड्ढे हो गए हैं। इनकी जल्द मरम्मत कराई जाएगी।
Published on:
18 Sept 2018 07:33 pm
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