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स्वास्थ परफेक्ट है तो भी डेल्टा वैरिएंट से रहे सावधान, फेफड़ों में दस गुना तेज करता है संक्रमण

-नया वैरिएंट डेल्टा प्लस चिकित्सकों के मुताबिक ज्यादा घातक,-फेफड़ों में दस गुना तेज करता है संक्रमण,-चिकित्सक के मुताबिक मास्क व सोशल डिस्टेंस का पालन बेहद जरूरी,

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स्वास्थ परफेक्ट है तो भी डेल्टा वैरिएंट से रहे सावधान, फेफड़ों में दस गुना तेज करता है संक्रमण

स्वास्थ परफेक्ट है तो भी डेल्टा वैरिएंट से रहे सावधान, फेफड़ों में दस गुना तेज करता है संक्रमण

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. कोरोना संकट (Corona Crisis) का वह भयावह नजारा लोग भूल नहीं पा रहे हैं। अब नया वैरिएंट डेल्टा प्लस (Delta Plus) काफी घातक बताया जा रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक स्वास्थ ठीक होने के बावजूद डेल्टा प्लस (Delta Plus Variant) से सावधान रहने की जरूरत है। यह फेफड़े में 10 गुना अधिक तेज संक्रमण करता है। इसलिए इस वैरिएंट से बचने की जरूरत है। कोरोना (Corona Virus) से बचाव के लिए बड़ी संख्या में लोग खुद अपील इम्युनिटी (Imunity) की जांच करा डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं।

जांच में इम्युनिटी ठीक मिलने पर वह निश्चित हो जाते हैं। जबकि बताया गया कि जिस इम्युनिटी की जांच कराकर वह आ रहे हैं वह कोराना संक्रमण से बचाव में नाकाफी है। चेस्ट रोग विशेषज्ञ प्रो. सुधीर चौधरी के अनुसार लोग रक्त की सामान्य जांच हीमोरेल एंटीबॉडी की टेस्ट करा रहे हैं। जबकि कोरोना से बचाने के लिए या तो वैक्सीन से बनने वाली एंटीबॉडी है या फिर संक्रमण के बाद बनने वाली एंटीबॉडी से कुछ मदद मिल सकती है।

अभी तक कई ऐसे केस आए हैं, जिनमें एंटीबॉडी बनकर कुछ दिनों में ही खत्म हो गई। इसलिए कोरोना से ठीक हुए लोग भी सतर्क रहें। हो सकता है उनमें एंटीबॉडी बनकर खत्म हो गई हो या जो एंटीबॉडी मौजूद है वह डेल्टा वैरिएंट का प्रतिरोध न कर पाए। इसलिए बचाव के लिए प्राथमिकता में मास्क और सोशल डिस्टेंस का पालन जरूर करें। जबकि अधिकतर लोग नजर अंदाज कर रहे हैं, जो बड़े खतरे में फंस सकते हैं। उन्होंने कहा कि रोज लगभग 10 केस पॉजिटिव आ रहे हैं। इसी से लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि वायरस गया नहीं है।