कानपुर। चौबेपुर थानाक्षेत्र के गोजकीपुर गांव में 32 जुलाई की रात दो किसानों की आरोपियों ने बेरहमी से हत्या कर शवों को खेतों में फेंककर फरार हो गए थे। हत्याकांड का खुलाशा करने के लिए एसएसपी अनंत देव तिवारी ने स्वाट टीम को लगाया। शनिवार को टीम ने वारदात को अंजाम देने वाले 5 आरोपितों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि बटाई के खेत को लेकर विवाद हुआ था और इसी के बाद हमनें दोनों किसानों का मर्डर कर दिया।
स्वाट को दी गई जिम्मेदारी
चौबेपुर थाना क्षेत्र के खोजकीपुर गांव में बीती 31 तारीख को किसान वीरेंद्र व राजू की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। किसानो के मर्डर के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों ने रोड पर जाम लगा दिया। अलाधिकारियों ने मौके पर जाकर उग्र भीड़ को समझाया और हत्याकांड के खुलाशे के लिए स्वाट को लगाया। स्वाट टीम ने चौबेपुर पुलिस के साथ मिलकर घटना को अंजाम देने वाले राहुल, शिव किशोर, कृष्ण किशोर, सुमित, बड़े उर्फ़ बउवा को गिरफ्तार कर पूछताछ की आरोपितों ने जुर्म कबूल कर लिया।
14 बीघे खेत के चलते किया मर्डर
एसएसपी अनत देव तिवारी ने बताया कि मृतक वीरेंद्र ने बटाई पर चौदह बीघा जमीन ली हुई थी। बटाई की जमीन ईस्वरीपुर व खोजकीपुर गांव में पड़ती है। ईस्वरीपुर गांव का रहने वाला राहुल उस खेती को खुद बटाई पर लेना चाहता था जिसके लिये उसने वीरेंद्र को अपने रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। राहुल ने वीरेंद्र को फोन करके बहाने से खेत पर बुलाया और अपने साथियो के साथ मिलकर कुल्हाड़ी और गड़ासे से काटकर हत्या कर दी। एसएसपी के मुताबिक आरोपियों ने किसान को पहले पीटा, जिसकी आवाज ग्रामीणों ने भी सुनी थी फिर गड़ासे से वार कर मौत के घाट उतार दिया।
इस वजह से राजू की हत्या
एसएसपी के मुताबिक वीरेंद्र ने खेत जाते वक्त अपने साथी राजू को भी ले गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया, कि वो राजू को नहीं मारना चाहते थे। पहले उसे छोड़ दिया गया, लेकिन राज खुलने के डर से उसे दौड़ाकर दबोच लिया और फिर गर्दन पर गड़ासे से वार कर उसकी हत्या कर दी। आरोपियों के पास से पुलिस ने वारदाता में इस्तेमाल किए गए औजार भी बरामद कर लिए हैं और पांचो के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया है।