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मोटापे से बचने के लिए करना होगा इन चीजों का सेवन

अगर मोटापे से बचना है तो लाइफ स्‍टाइल को बदलने के बारे में सोच लें. इसके लिए आपको रखनी होगी खानपान पर विशेष नजर. जंक फूड और हैवी कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन, मोटापे के साथ 50 दूसरी बीमारियां भी दे रहा है.
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कानपुर

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Alok Pandey

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Updated: 11 Oct 2018, 12:30 PM IST

Kanpur

मोटापे से बचने के लिए करना होगा इन चीजों का सेवन

कानपुर। अगर मोटापे से बचना है तो लाइफ स्‍टाइल को बदलने के बारे में सोच लें. इसके लिए आपको रखनी होगी खानपान पर विशेष नजर. जंक फूड और हैवी कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन, मोटापे के साथ 50 दूसरी बीमारियां भी दे रहा है. डॉक्‍टरों की मानें तो गुड़, शहद, खजूर, अंगूर, अमरूद व रेशेदार सब्‍जियों के इस्‍तेमाल से मोटापे से बच सकते हैं.

ऐसी मिली है जानकारी
विश्‍व मोटापा फेडरेशन ने इस बार ओबेसेटी स्‍टिगमा यानी कि मोटापा कलंक नहीं है, को अपना थीम बनाया. इसका मकसद मोटापे से पीड़ित लोगों को उपेक्षित नजर से नहीं देखना और अच्‍छा व्‍यवहार करना है. डॉ. शिवाकांत मिश्र के मुताबिक स्‍वस्‍थ खाना, नियमित व्‍यायाम से इस बीमारी को दूर कर सकते हैं. डॉ. मिश्र के मुताबिक युवा सप्‍ताह में कम से कम पांच दिन एक घंटा व्‍यायाम करें. बुजुर्गों को पांच दिन में कम से कम 150 मिनट व्‍यायाम करना चाहिए.

2015 तक होगा इस बात पर जोर
विश्‍व मोटापा फेडरेशन ने 2025 तक मोटापा पीडितों की संख्‍या में स्‍थरीकरण पर जोर दिया है. इसे केंद्र में रखकर योजनाएं बनेंगी. शिवानी अस्‍पताल के निदेशक डॉ. शिवाकांत मिश्र राष्‍ट्रीय फैमिली हेल्‍थ सर्वे के मुताबिक तीन वर्षों में 10 प्रतिशत मोटापा बढ़ा है. राष्‍ट्रीय परिवार स्‍वास्‍थ्‍य सर्वेक्षण भारत-3 सर्वे में तेरह प्रतिशत महिलाएं (15-49 वर्ष) और नौ प्रतिशत पुरुष (15-49 वर्ष) वर्ष 2005-06 में अधिक वजन या मोटापे से पीड़ित थे. वर्ष 2014 में हुए एनएफएचएस सर्वे में महिलाओं में 21 फीसदी मोटापा है और पुरुषों में 19 फीसद है.

मोबाइल बन रहा है वजह
हाई कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें यानी कि शक्‍कर, मैदा, क्रीम दूध, केला शारीरिक व्‍यायाम न करना, टेलीविजन, कम्‍प्‍यूटर, लैपटॉप और मोबाइल का अधिक उपयोग बन रहा है इसकी बड़ी वजह.

क्‍या है विश्‍व मोटापा दिवस
विश्‍व मोटापा दिवस की स्‍थापना विश्‍व मोटापा फेडरेशन ने वर्ष 2015 में की थी. इस दिवस का मकसद आम लोगों में मोटापा कम करने, रोकने और उसके इलाज के लिए वैश्‍विक प्रयास किया जाना है.