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साइबर क्राइम पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस से हाथ मिलाएगा आईआईटी भी

शहर में बढ़ रहे साइबर क्राइम पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस अब आईआईटी की मदद लेगी. दरअसल साइबर क्राइम को रोकने और उसके खुलासे के लिए पुलिस आईआईटी से हाथ मिलाने की तैयारी कर रही है. दोनों विभागों के बीच इसे लेकर एक करार भी साइन किया गया है.

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Kanpur

साइबर क्राइम पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस से हाथ मिलाएगा आईआईटी भी

कानपुर। शहर में बढ़ रहे साइबर क्राइम पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस अब आईआईटी की मदद लेगी. दरअसल साइबर क्राइम को रोकने और उसके खुलासे के लिए पुलिस आईआईटी से हाथ मिलाने की तैयारी कर रही है. दोनों विभागों के बीच इसे लेकर एक करार भी साइन किया गया है. इसके तहत आईआईटी पुलिस को हाईटेक अपराधों के खुलासे के लिए तकनीकि रूप से मजबूत बनने में मदद करेगा.

बनेगी एक खास लैब
एसपी साउथ रवीना त्यागी के अनुसार साइबर अपराधों में खुलासे के लिए पुलिस को तकनीकि रूप से मजबूत होना जरूरी है. इसके लिए आईआईटी साइबर सेल के विशेषज्ञ को ट्रेनिंग देंगे. वहीं फारेंसिक एक्सपर्ट्स और साइबर सेल की तकनीकि मदद के लिए आईआईटी में ही 28 लाख से लैब का निर्माण कराया जाएगा. यह लैब आधुनिक तकनीक से लैस होगी, जिसमें जरूरत पड़ने पर विभाग के इंजीनियर्स अपराध पर लगाम कसने में पुलिस की मदद करेंगे.

ऐसे खुलेगी पोल
अधिकारी के अनुसार लोग काफी सजग होने लगे हैं. किसी अपराध के खुलासे में सीसीटीवी कैमरे आजकल बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. वहीं कई बार होता है कि कोहरे, कम लाइट, अंधेरा या किसी अन्य कारण से फुटेज साफ नहीं आ पाते. ऐसे में अपराधी तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है. इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए आईआईटी वीडियो सर्विलांस इक्विपमेंट (वीएसई) से पुलिस की मदद करेगा. इसमें ऑटोमेटिक कंप्यूटर को वीएसई से जोड़कर अपराधी की साफ सुथरी तस्वीर प्राप्त की जा सकेगी. यहां आपको बता दें कि 45 से ज्‍यादा साइबर अपराध की घटनाएं पिछले 06 महीने के भीतर हो चुकी हैं. 24 से ज्‍यादा मामले साइबर सेल में दर्ज हुए हैं.

ऐसा कहना है एसपी साउथ का
इस बारे में एसपी साउथ रवीना त्‍यागी बताती हैं कि क्राइम पर शिकंजा कसने के लिए आईआईटी की मदद ली जाएगी. आजकल के ठग साइबर एक्सपर्ट हैं, उन्हें मात देने के लिए तकनीकि रूप से मजबूत होना हमारी जरूरत बन चुकी है.