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इटावा से बिंदकी तक कानपुर रेलवे बाईपास की तैयारी शुरू

रेलवे बोर्ड ने इटावा से बिंदकी तक प्रस्तावित कानपुर रेलवे बाईपास रूट का निर्माण शुरू करने की तैयारी कर ली है. रेलवे के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने रूट का सर्वे कर अपनी फाइनल रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेज दी है.

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Kanpur

इटावा से बिंदकी तक कानपुर रेलवे बाईपास की तैयारी शुरू

कानपुर। रेलवे बोर्ड ने इटावा से बिंदकी तक प्रस्तावित कानपुर रेलवे बाईपास रूट का निर्माण शुरू करने की तैयारी कर ली है. रेलवे के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने रूट का सर्वे कर अपनी फाइनल रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेज दी है. अधिकारियों के मुताबिक अब सिर्फ बजट की आस है. उम्मीद है कि जल्द ही बजट भी मिल जाएगा और इसी साल दिसंबर में रूट तैयार करने का काम शुरू हो जाएगा. रूट तैयार होने में कम से कम डेढ़ वर्ष लगेगा. इटावा से बिंदकी तक नया रेलवे बाइपास तैयार हो जाने के बाद कानपुर से ट्रेनों का ओवरलोड भी कम हो जाएगा. जिसके पास आउटरों में ट्रेनों को रोकने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

अब नहीं रुकेंगी ट्रेनें
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक वर्तमान में दिल्ली से कानपुर रूट में कोई दुर्घटना होने या फिर रूट ब्लॉक होने पर दिल्ली-कानपुर-हावड़ा रूट की ट्रेनों के पहिए जहां के तहां थम जाते है. इटावा से बिंदकी तक तैयार होने वाला रेलवे बाईपास तैयार हो जाने के बाद रेलवे के पास दिल्ली-कानपुर-हावड़ा रूट की ट्रेनों को रूट ब्लॉक होने की स्थिति में बाईपास रूट से डायवर्ट कर इलाहाबाद निकाल देंगे.

इतना लंबा है यह बाईपास
झांसी मंडल के डिप्टी चीफ इंजीनियर कंस्ट्रक्शन केके तनरेजा ने बताया कि 28 फरवरी 2014 में इटावा से बिंदकी तक 210 किमी लंबा कानपुर रेलवे बाईपास बनाने का प्रस्ताव पास हुआ था. सर्वे के लिए रेलवे बोर्ड ने 62 लाख रुपए का बजट पास किया था. सर्वे रिपोर्ट तैयार होकर बोर्ड को भी भेजी जा चुकी है. इसके बाद बोर्ड ने इस प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया.

तीन साल बाद टूटी नींद
ट्रैक पर बढ़ते लोड, ट्रेनों की लेटलतीफी और हादसों के बाद बोर्ड अधिकारियों की नींद तीन साल बाद टूटी है. जिसके बाद इटावा-बिंदकी रेलवे बाईपास की फाइनल सर्वे रिपोर्ट तेयार कर बोर्ड को भेजी गई. इस बाईपास रूट पर 10 स्टेशन पड़ेंगे. जिसमें इटावा के बाद बकेवर, अजीतमल, औरैया, सिकंदरा, पुखराया, राजपुर, मूसानगर, घाटमपुर, जहानाबाद और बिंदकी स्टेशन होंगा.

यात्रियों को ऐसा मिलेगा लाभ

- हादसा या मेंटिनेंस के चलते रूट ब्लॉक होने पर भी नहीं रुकेंगी ट्रेनें

- कानपुर सेंट्रल स्टेशन से ट्रेनों का लोड कम होगा, रफ्तार भी बढेगी

- प्लेटफार्म खाली मिलने से आउटर में देर तक नहीं खड़ी होंगी ट्रेनें

- किसी भी इमरजेंसी में दिल्ली-इलाहाबाद रूट का एक और ऑप्शन

- मेंटिनेंस के लिए ब्लॉक लेने में रहेगी आसानी, कम ट्रेनें होंगी प्रभावित

ऐसा कहते हैं अधिकारी
एनसीआर के सीपीआरओ गौरव कृष्‍ण बंसल कहते हैं कि इटावा-बिंदकी रूट तैयार होने से कानपुर सेंट्रल पर ट्रेनों का लोड कम होगा. जिससे ट्रेनों के संचालन में काफी सुधार आएगा. ट्रेनों की लेटलतीफी भी रुकेगी. कानपुर में स्टॉपेज न होने वाली गाडिय़ों को इटावा से सीधे इलाहाबाद की ओर बाईपास कर दिया जाएगा. यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए इस रूट का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने का फैसला लिया गया है.