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कानपुर: लखनऊ-कानपुर के बीच दौड़ेगी वंदे मेट्रो, जानें वंदे भारत से कैसे अलग है यह ट्रेन?

कानपुर और लखनऊ के बीच चलने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है। अब उन्हें यात्रा करने के लिए धक्के खाने की जरूरत नहीं है। रेलवे विभाग ने वंदे मेट्रो चलाने की योजना बनाई है। जिसके बजट का भी आवेदन कर दिया गया है।

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उत्तर प्रदेश के दो महानगरों को जोड़ने के लिए अब वंदे मेट्रो चलाने की तैयारी है। जिसके लिए बजट का आवंटन किया गया है। यह ट्रेन लखनऊ-कानपुर के बीच चलेगी। जिससे दो महानगरों के बीच पड़ने वाले छोटे-छोटे गांवों के रहने वालों को काफी सहूलियत होगी। जिन्हें काम के सिलसिले में लखनऊ-कानपुर की यात्रा करनी पड़ती है। इसके पहले कानपुर लखनऊ के बीच एलकेएम चलती थी। लेकिन कोविड-19 संक्रमण काल के दौरान इन गाड़ियों को बंद कर दिया गया था। वर्तमान समय में मात्र तीन एलकेएम का संचालन हो रहा है। जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सड़क मार्ग से महंगी यात्रा करनी पड़ती है।

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Vande Metro: रेल मंत्रालय ने कानपुर लखनऊ के बीच सेमी हाई स्पीड वंदे मेट्रो चलाने की बनाई है। जिसके अंतर्गत 240 करोड रुपए बजट में आवंटित किया गया है। वंदे मेट्रो 125 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है। इसमें आठ डिब्बे होते हैं। लेकिन शौचालय की सुविधा नहीं होती है। ‌

क्या कहते हैं जिला यात्री संघ के जिलाध्यक्ष?

वंदे भारत और वंदे मेट्रो: जिला यात्री संघ के जिलाध्यक्ष मुर्तजा हैदर ने वंदे मेट्रो योजना का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे कानपुर लखनऊ के बीच चलने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। छोटे-छोटे गांव में रहने वालों को भी सुविधा मिलेगी। जिन्हें काम के सिलसिले में महानगरों की यात्रा करनी पड़ती है। यह मेट्रो 45 मिनट में कानपुर से लखनऊ की दूरी तय करेगी। इसका रूट क्या होगा के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी इसकी जानकारी नहीं मिली है।

वंदे मेट्रो और वंदे भारत ट्रेन में क्या अंतर?

वंदे भारत और वंदे मेट्रो: एक्सप्रेस ट्रेन में 16 डिब्बे होते हैं। यह ट्रेन लगभग 500 किलोमीटर से अधिक दूरी वाले महत्वपूर्ण स्टेशनों के बीच चलाया जाता है। इनमें टॉयलेट की भी व्यवस्था होती है। इन गाड़ियों के स्टॉपेज भी काफी कम होते हैं। बनारस से दिल्ली के बीच चलने वाली वंदे भारत का स्टॉपेज प्रयागराज, कानपुर नई दिल्ली है।‌