
नगर निगम के हाउस टैक्स सर्वे को लेकर महापौर हुईं सख्त, सामने आ रहा सर्वेयर का ऐसा सिस्टम
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. हाउस टैक्स (House Tax Kanpur) को लेकर कानपुर नगर निगम (Kanpur Nagar Nigam) ने रुख सख्त किया है। हाउस टैक्स के दायरे से छूटे घरों और प्रॉपर्टी के असेस्मेंट को लेकर सर्वे (Nagar Nigam Survey) शुरू कराया। निगम द्वारा इसके लिए लखनऊ की प्राइवेट कंपनी आईटीआई (ITI Company) को इसका जिम्मा दिया गया। वहीं इसमें भी घालमेल की आशंका हो रही है। दरअसल कंपनी के कर्मचारी सर्वे के दौरान लोगों से पैसा लेकर हाउस टैक्स को कम कर रहे हैं। साथ ही जो लोग नहीं दे रहे हैं उनका हाउस टैक्स बढ़ा दे रहे हैं। अफसरों के पास इसकी लगातार शिकायते पहुंचने पर कानपुर महापौर प्रमिला पांडे (Mayor Pramila Pandey) ने बैठक की।
महापौर ने नाराजगी व्यक्त कर दिए निर्देश
इसमें अपर नगर आयुक्त अरविंद राय ने बताया कि कंपनी के पांच कर्मचारियों का रिकॉर्ड है जो लोगों से 10 साल से हाउस टैक्स में छूट दिलाने के लिए पैसे मांग रहे हैं। वहीं उप नगर आयुक्त स्वर्ण सिंह ने बताया कि सर्वे कर रहे कर्मचारी मकानों को एक वार्ड की जगह दूसरे वार्ड में चढ़ा रहे हैं। इस पर महापौर ने नाराजगी व्यक्त कर निर्देश दिए कि हाउस टैक्स की शिकायत आते ही जोन के राजस्व निरीक्षक तत्काल क्रॉस चेक करें। जांच कर दोषी पाए जाने वाले सर्वे कर्मी के खिलाफ कार्रवाई करें। बताया गया कि नगर निगम के अंतर्गत करीब 4.20 लाख घरेलू और 70 हजार वाणिज्य हाउस टैक्सदाता हैं।
ऐसे घरों को हाउस टैक्स के दायरे में लाया जा रहा
12 साल पहले नगर निगम के सर्वे में कई लोगों ने घरों में दुकान और कॉमर्शियल एक्टिविटी शुरू कर दी है। इसलिए सर्वे में ऐसे लोगों का हाउस टैक्स देखा जा रहा है। इसके अतिरिक्त हाउस टैक्स से छूटे 1 लाख से ज्यादा घरों का भी सर्वे कर इन्हें हाउस टैक्स के दायरे में लाया जा रहा है। हालांकि कंपनी को दिसंबर-2021 तक सर्वे का काम पूरा करना था, लेकिन अभी तक कार्य सही मुकाम तक नहीं पहुंचा। वहीं नगर आयुक्त शिव शरणप्पा जीएन ने निर्देश दिए कि सुबह निकलने वाली कूड़ा गाड़ियों से प्रचार कर जीआईएस सर्वे को लेकर पूरी तरह फ्री होने की जानकारी दी जाए। महापौर ने 15 दिन बाद दोबारा मीटिंग बुलाई है।
Published on:
21 Oct 2021 10:29 am
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