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झकरकटी बस अड्डे में चलता ’मनमानी वाला’ वाहन स्टैंड

झकरकटी बस अड्डा परिसर में अवैध वसूली का वाहन स्टैंड चल रहा है,, परिवहन विभाग के मिलीभगत से मुसाफिरों के जेब से जबरन वसूला जा रहा पैसा।

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illegal recovery in parking stand in kanpur bus stand

झकरकटी बस अड्डे में चलता ’मनमानी वाला’ वाहन स्टैंड

कानपुर। झकरकटी बस अड्डा परिसर में अवैध वसूली का वाहन स्टैंड चल रहा है। परिवहन विभाग ने यहां वाहनों से ठहराव शुल्क वसूलने का ठेका दिया है, जिसकी निर्धारित दर निर्धारित की हुई है। मगर, बस स्टैंड के अधिकारियों की मिलीभगत से संचालक आगंतुकों से मनमाना शुल्क वसूल रहे हैं। संचालकों ने रसीद पर वाहनों की पार्किंग दर भी नहीं छपवाई है। हैरत की बात है यह सब अफसरों की नाक के नीचे हो रहा है, बावजूद वो आंख बंद किए हुए बैठे हैं। इतना ही नहीं वाहनों के अलावा खा़द्य समाग्री के साथ ही अन्य वस्तुओं पर मुसाफिरों से गब्बर सिंह टैक्स की वसूली भी की जा रही है।

खुद तैयार की लिस्ट
झकरकटी बस स्टैंड में वाहनों के खड़ा करने के लिए परिसर में वाहन स्टैंड बनाया गया है। परिवहन विभाग ने इसका ठेका एक संचालक को दे रखा है। स्टैंड के सामने एक बोर्ड लगा है। जिस पर लिखा है कि साइकिल से 12, मोटरसाइकिल से 30, कार 80 और रिक्शा ट्राली 25 रूपए की दर पार्किंग शुल्क वसूला जाएगा। मगर, यहां संचालक की मनमानी चलती है। वाहन चालकों को जो रसीद दी जा रही है, वह भी मानक के मुताबिक नहीं छपवाई गई। नियमतः पर्ची पर लिया जाने वाला शुल्क अंकित होना चाहिए, पर ऐसा नहीं हैं।

गुरू देना पड़ता है पैसा
पत्रिका टीम ने मौके पर जाकर जब पूरे मामले की पडताल की तो सच्चाई सामने आई। बाइक को स्टैंड में खड़ा कर ठेकेदार से रसीद ली गई। एक घंटे के जब वापस आए तो उसने 40 रूपए मांगे, जबकि रसीद में रकम दर्ज नहीं मिली। इस पर ठेका कर्मचारी से इस पर पूछा गया तो उसने कहा कि गुरू ऊपर तक पैसा देना पड़ता है। कर्मचारी ने रूतबे के साथ कहा कि भाजपा नेताओं का सरंक्षण ठेकेदार को मिला हुआ है और उनकी जेब भी गरम करनी पड़ती है। सूत्र बताते हैं कि कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से स्टैंड संचालक को ठेका दिलाया गया है। चूंकि कर्मचारियों का भी हिस्सा तय है, ऐसे में मनमानी वसूली भी कराई जा रही है।

निकाल लिया जाता है पेट्रोल
कानपुर से हरदिन लखनऊ जानें वाले नवाबगंज निवासी श्रीधर बताते हैं कि बाइक से हम सुबह घर से आते हैं। स्टैंड में बाइक खड़ी कर नौकरी के लिए राजधानी निकल जाते हैं। शाम के वक्त जब आते हैं तो बाइक की टंकी से पेट्रोल खाली मिलती है। कईबार स्टैंड के अधिकारियों से ें से शिकायत की पर कार्रवाई नहीं हुई। उल्टे ठेकेदार के कर्मचारी मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। अमन बताते हैं कि बुधवार को मेरी बाइक से पेट्रोल निकाल लिया गया। विरोध करने पर हमें धमकाया गया। निधि कहती हैं कि वो स्कूटी खड़ी कर फतेहपुर गई थी। शाम के वापस आने पर स्कूटी से पेट्रेल गायब मिला। हमनें इसकी शिकायत भी दर्ज कराई, पर कार्रवाई नहीं हुई।

कुछ इस तरह से बोले जिम्मेदार
जिलाधिकारी विजय विश्वास पन्त को इस पूरे मामले पर अवगत कराने के लिए फोन लगाया तो उनके जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि डीएम साहब मीटिंग में व्यस्थ्य हैं। आपकी कम्पलेन दर्ज कर ली गई है और मामले की जानकारी से डीएम साहब को अवगत करा दिया जाएगा। जबकि आरएम ने कहा कि मेरी जानकारी में ऐसा कोई मामला नहीं है। फिर भी अपने बताया है तो इसकी जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर ठेका संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कहा, कर्मचारियों की मिलीभगत की जांच कर कार्रवाई होगी। संचालक की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी।