कानपुर। आईपीएस सुरेंद्र दास और संजीव सुमन का सिलेक्शन एक साथ हुआ और उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा की ट्रेनिंग एक साथ ली थी और दोनों की पोस्टिंग भी कानपुर में कुछ माह पहले हुई थी। लेकिन आईपीएस सुरेंद्र दास ने किसी कारण के चलते जहर खाकर जान दे दी। एसपी पूर्वी के सुसाइड के परिवार और ससुराल पक्ष के बीच जमकर टकरार हो रही है। भाई नरेंद्र दास ने एसएसपी अनंत देव को शिकायत पत्र देकर सुरेंद्र के मौत का जिम्मेदार उनकी पत्नी को बता जाचं कर कार्रवाई की मांग की है। तो दूसरी तरफ एसपी पूर्वी की पत्नी डॉक्टर रवीना के पिता ने मीडिया के सामने आकर कई खुलाशे किए और दमाद के सुसाइड करने के पीछे भाई, मां और बहन को दोषी बता डीजीपी ओपी सिंह को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इसी के बाद एडीजे अविनाश चंद्रा ने सुरेंद्र दास की मौत की जांच उनके बैचमेट रहे एसपी पश्चिम को सौंप दी है। अब वह सभी बिंदुओं पर पड़ताल कर रिपोर्ट देंगे। पूरे मामले में अब सभी लोगों से फिर पूछताछ होगी।
एडीजी के आदेश के बाद जांच शुरू
पांच सितंबर को सल्फास खाने के बाद नौ को सुरेंद्र दास की जान चली गई थी। उनके भाई नरेंद्रदास ने एसएसपी अनंत देव को प्रार्थना पत्र देकर मौत के लिए एसपी पूर्वी की पत्नी रवीना को जिम्मेदार ठहराया था। एसपी ने पहले इस पूरे केस की जांच एसपी क्राइम को सौंपी थी। लेकिन आईपीएस के ससुर डॉक्टर रावेंद्र सिंह ने डीजीपी कार्यालय को लिखित पत्र देकर जांच दूसरे अधिकारी से कराए जाने की मांग के साथ मीडिया में आकर कई ख्ुलाशे किए थे। डॉक्टर सिंह ने एसपी पूर्वी की मौत के लिए पूरी तरह से उनके परिजनों को जिम्मेदार ठहराया है। पत्नी की कोई गलती नहीं बताई है। सुसाइड नोट का उन्होंने हवाला दिया है। वह प्रार्थना पत्र भी जांच के लिए एडीजी के पास आया है। दोनों तरफ से दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर पूरे मामले की जांच एसपी पश्चिम संजीव सुमन को दे दी गई है।
तीन टीमों का किया गठन
एसपी पश्चिम संजीव सुमन के नेतृत्व में तीन टीमें बनाई गई हैं। एक टीम लखनऊ जाकर उनके परिजनों से पूछताछ करेगी। दूसरी टीम सहारनपुर में और तीसरी टीम दिल्ली में रहने वाले आईपीएस के दोस्तों से पूछताछ करेगी। आईपीएस दास ने अपने सुसाइड नोट में एक महिला मित्र का जिक्र भी किया था। आईपीएस ने महिला मित्र से फोन पर कहा था कि उनके मन में आत्महत्या के विचार आ रहे हैं। उन्होंने सुसाइड नोट में पत्नी के लिए लिखा भी है कि वह चाहे तो दोस्त से पूछ सकती है। पुलिस का मानना है कि हो सकता है कि आईपीएस ने परेशानी के कारणों का दोस्त से जिक्र भी किया हो। संजीव सुमन ने बताया कि लिखित आदेश हो गया है। अब सुरेंद्र दास से जुड़ी हर बात को खंगाला जाएगा। उनकी सहारनपुर, अंबेडकर नगर की तैनाती से लेकर हर बात को देखा जाएगा। उनके साथ तैनात रहे फॉलोअरों से बात की जाएगी। उनके सभी करीबियों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
आईपीएस के भाई ने ये लगाए थे आरोप
आईपीएस सुरेंद्र दास की मौत के बाद उनके शव का दाह संस्कार करने के बाद बड़़े भाई नरेंद्र दास ने सुसाइड के पीछे पत्नी को दोषी ठहराते हुए एसएसपी अनंद देव को शिकायती पत्र देकर पूरे प्रकरण की जांच के बाद कार्रवाई की मांग की थी। नरेंद्र ने बतायस था कि शादी के बाद से रवीना लखनऊ स्थित घर पर एक दिन भी नहीं रहीं। वह सुरेंद्र को घरवालों से बात करने से मना करती थी। शादी के दो माह बाद से ही दंपती में अनबन होने लगी थी। नरेंद्र का कहना था कि उनका भाई रवीना से तलाक लेना चाहता था। इस बारे में बातचीत भी चल रही थी। रवीना और घरवालों की वजह से सुरेंद्र बहुत तनाव में था। नरेंद्र ने कहा कि सुरेंद्र की मौत की मौत का कारण उसकी पत्नी और ससुरालीजन हैं।
ससुर ने कुछ इस तरह किया खुलाशा
आईपीएस सुरेंद्र दास के सुसाइड के मामले पर ससुर रावेंद्र कई कथित सबूतों और दावों के साथ सामने आए। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि सुरेंद्र के परिवार के लोग उनपर पत्नी रवीना से अलग होने का दबाव बना रहे थे। परिवार के लोग इस रिश्ते को पसंद नहीं करते थे। दास की मोनिका नाम की लड़की से सगाई टूट गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरेंद्र की शादी की बात पहले मोनिका नाम की लड़की से हुई। बात नहीं बनी तो मोनिका से सगाई हुई लेकिन टूट गई। इस बारे में सुरेंद्र ने उन्हें (रावेंद्र को) बताया था। अगस्त-2016 में सुरेंद्र की डॉक्टर रवीना से पहली मुलाकात हुई। सुरेंद्र का परिवार शुरू से ही रिश्ते के खिलाफ था लेकिन उन्होंने अपनी मां को इसके लिए मना लिया। उनके बड़े भाई नरेंद्र ने रवीना के एटीएम कार्ड से शादी की खरीदारी की। शादी के बाद अप्रैल-2017 में रवीना ससुराल पहुंचीं तो उनसे वहां अभद्रता की गई। भद्दे कमेंट किए गए और खाना तक नहीं दिया गया। इसी के चलते दमाद ड्रिपेशन में रहने लगे और जहर खाकर जान दे दी।