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बेटे के मुंडन के लिए पैसे नहीं जुटा पाई मां, साड़ी के फंदे से लटकर दे दी जान, रो-रोकर पति का बुरा हाल

कानपुर के बिठूर में आर्थिक तंगी से परेशान स्वाति सिंह ने अपने एक वर्षीय बेटे का मुंडन न कर पाने के दुख में छत के पंखे से साड़ी का फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली।

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मुंडन नहीं कर पाने की वजह से मां ने की खुदकुशी

मुंडन नहीं कर पाने की वजह से मां ने की खुदकुशी

Kanpur Crime News: यूपी में कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र में गरीबी की वजह से एक मां ने अपनी जान दे दी। रामनवमी के दिन इकलौते बेटे का मुंडन न करा पाने के दुख में स्वाति सिंह नाम की महिला ने छत के पंखे से साड़ी का फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली। यह घटना शिवनगर इलाके में हुई है।

गरीबी और मुंडन का सपना

स्वाति सिंह अपने एक वर्षीय बेटे एकांश का रामनवमी पर मुंडन कराना चाहती थी। कई दिनों से वह इस बात का सपना देख रही थी। उसके पति धीरेंद्र सिंह यादव मजदूर हैं। उसने कई लोगों से उधार मांगने की कोशिश की, लेकिन कोई भी पैसे देने को तैयार नहीं हुआ। पैसे न जुटा पाने से स्वाति बहुत उदास हो गई। धीरेंद्र ने बताया कि वह सुबह से ही परेशान थी। दोपहर में जब धीरेंद्र फिर से पैसे की व्यवस्था करने बाहर गया, तो स्वाति ने यह कदम उठा लिया।

खुदकुशी की घटना

दोपहर करीब एक बजे पड़ोस में रहने वाली रश्मि ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी। जब उसने खिड़की से झांककर देखा तो स्वाति का शव छत के पंखे से साड़ी के फंदे में लटका हुआ नजर आया। रश्मि ने तुरंत सूचना दी। धीरेंद्र जब वापस आया तो यह दुखद नजारा देखकर सदमे में आ गया। उसने पड़ोसियों की मदद से स्वाति को फंदे से उतारा और निजी अस्पताल ले गया। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

गरीब था परिवार

धीरेंद्र सिंह यादव मूल रूप से मेघनीपुरवा, चौबेपुर के रहने वाला है। वह मंधना में किराए के कमरे में परिवार के साथ रहता था। स्वाति से उसकी कोर्ट मैरिज 21 मार्च 2023 को हुई थी। शादी के बाद दोनों के परिवारवालों ने उनसे रिश्ता तोड़ लिया था। धीरेंद्र एक गरीब मजदूर है और परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। रामनवमी पर बेटे का मुंडन कराने के लिए उन्होंने काफी प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए।

बेटे को लेकर रो रहा पति

घटना के बाद धीरेंद्र अपने इकलौते बेटे एकांश को गोद में लेकर रोते रहे। कभी स्वाति के शव को देखता, कभी बच्चे को चूमते और कभी उसे दूध पिलाते। यह देखकर पुलिसकर्मी और पड़ोसी भी भावुक हो गए। धीरेंद्र ने कहा खि लोग अपने बच्चों के लिए सब कुछ करते हैं, लेकिन मैं अपने बेटे का मुंडन तक नहीं करा सका। अब जीने का क्या मतलब है? धीरेंद्र शव लेकर पैतृक गांव मेघनीपुरवा गया, लेकिन वहां स्वाति और उनके अपने घरवालों ने शव देखने से इनकार कर दिया और उन्हें भगा दिया। निराश होकर धीरेंद्र शव लेकर फिर मंधना लौट आया। मकान मालिक ललित कटियार ने 112 पर सूचना दी। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बिठूर इंस्पेक्टर अशोक कुमार सरोज ने मामले की जांच शुरू कर दी है।